होर्मुज टोल पर ट्रंप घिरे, लूला बोले- अमेरिका समुद्री डकैत न बने

Report By: Kiran Prakash Singh

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कार्गो जहाजों पर 20% टोल के ऐलान पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने कड़ी आपत्ति जताई।

📅 दिनांक: 14 जुलाई 2026 | DIGITALLIVENEWS.COM

होर्मुज टोल पर बढ़ा वैश्विक विवाद, ट्रंप के फैसले पर लूला ने कहा- अमेरिका समुद्री डकैत न बने

 ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर 20% टोल लगाने का किया ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब अमेरिका को “गार्डियन ऑफ होर्मुज स्ट्रेट” के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी कार्गो जहाजों पर 20 प्रतिशत टोल लगाया जाएगा। ट्रंप का कहना है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा में अमेरिका की भूमिका महत्वपूर्ण है और इसी सुरक्षा व्यवस्था का खर्च पूरा करने के लिए यह शुल्क लगाया जाएगा।


 ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने फैसले को बताया समुद्री डकैती

ट्रंप के इस ऐलान के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले जहाजों पर किसी एक देश को शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। लूला ने कहा कि “पुराने समय में इसे डकैती कहा जाता था। अमेरिका जैसा बड़ा देश समुद्री डकैत नहीं बन सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन वैश्विक तनाव का फायदा उठाकर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश कर रहा है।


 होर्मुज स्ट्रेट क्यों है दुनिया के लिए इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है तो वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतों और समुद्री परिवहन लागत पर सीधा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि ट्रंप के इस प्रस्ताव ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है।


 ईरान पर भी ट्रंप का सख्त रुख

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका ईरानी ब्लॉकेड को फिर से लागू करेगा। उनके अनुसार यह कार्रवाई केवल ईरान के जहाजों और उससे जुड़े व्यापारिक नेटवर्क को प्रभावित करेगी, जबकि अन्य देशों के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति रहेगी। ट्रंप का दावा है कि अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और इसी कारण सुरक्षा शुल्क वसूला जाएगा।


 दुनिया की निगाहें अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर

ट्रंप के इस प्रस्ताव के बाद कई देशों में इसकी वैधता और प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह का 20 प्रतिशत टोल लागू होता है तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, कई देश इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के अनुरूप नहीं मान रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।


निष्कर्ष

डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट टोल संबंधी ऐलान ने पूरी दुनिया में नई बहस छेड़ दी है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने इसे “समुद्री डकैती” जैसा कदम बताते हुए कड़ी आलोचना की है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून पर भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

📍 स्रोत: अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स
🌐 DIGITALLIVENEWS.COM | 📅 14 जुलाई 2026

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