
Report By: Kiran Praakash Singh
स्वामी प्रसाद मौर्य राहुल गांधी से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे हैं। मुलाकात के बाद कांग्रेस में शामिल होने या अपनी पार्टी के विलय की चर्चा तेज है।
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स्वामी प्रसाद मौर्य की राहुल गांधी से मुलाकात, कांग्रेस में जाने की चर्चा
Digital Live News | 3 अक्टूबर 2026 | digitallivenews.com
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य शनिवार को दिल्ली पहुंचे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात के बाद मौर्य के कांग्रेस में शामिल होने या अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी उनकी कांग्रेस में औपचारिक सदस्यता की अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है।
1. राहुल गांधी से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य शनिवार को दिल्ली स्थित 10 जनपथ पहुंचे। उनके साथ पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा, राजीव शुक्ला और कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम के भी वहां पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्टों के मुताबिक मौर्य की राहुल गांधी से मुलाकात होनी है। इसी मुलाकात को लेकर उनके कांग्रेस में जाने की अटकलें तेज हुई हैं। बताया गया है कि मौर्य अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय भी कर सकते हैं।
2. ओबीसी राजनीति में मौर्य की रही है भूमिका
स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और पिछड़ा वर्ग की राजनीति से जुड़े प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में अलग-अलग दलों में काम किया है।
मौर्य बहुजन समाज पार्टी में लंबे समय तक रहे। इसके बाद उन्होंने बीजेपी का रुख किया और 2017 में बनी योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था।
बाद में सपा से अलग होने के बाद उन्होंने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी का गठन किया और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने।
3. कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा क्यों तेज हुई?
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अपने संगठन और राजनीतिक रणनीति में बदलाव कर रही है। हाल ही में पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
ऐसे समय में स्वामी प्रसाद मौर्य की राहुल गांधी से प्रस्तावित मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से मौर्य को पार्टी में शामिल किए जाने को लेकर अंतिम औपचारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है।
मौर्य का प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है और अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच उनकी राजनीतिक सक्रियता रही है।
4. सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी नजर
मौर्य के कांग्रेस के साथ जाने की संभावित स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब सपा और कांग्रेस के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे और गठबंधन पर चर्चा चल रही है।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर अलग-अलग दावे और चर्चाएं सामने आई हैं। ऐसे में मौर्य का कांग्रेस के साथ जुड़ना गठबंधन की राजनीति के संदर्भ में भी चर्चा का विषय बन सकता है।
हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि मौर्य के संभावित कदम का सपा-कांग्रेस संबंधों पर क्या असर पड़ेगा। इस पर तस्वीर कांग्रेस में उनकी औपचारिक एंट्री और आगे की राजनीतिक गतिविधियों के बाद ही स्पष्ट होगी।
5. औपचारिक ऐलान का इंतजार
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य कांग्रेस में शामिल होते हैं या उनकी पार्टी का विलय होता है।
शनिवार को सामने आई जानकारी के मुताबिक मौर्य 10 जनपथ पहुंचे हैं और राहुल गांधी से मुलाकात प्रस्तावित है। इसके बाद कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक घोषणा होती है या नहीं, इस पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने और नए राजनीतिक समीकरण बनने का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है। स्वामी प्रसाद मौर्य का अगला राजनीतिक कदम इसी क्रम में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
Digital Live News | 3 अक्टूबर 2026
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