
Report By: Kiran Prakash Singh
भारत से iPhone निर्यात ने तोड़ा रिकॉर्ड, 2025 में 2 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार
2025 में भारत से iPhone का निर्यात 2.03 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, PLI योजना और निवेश से देश बना वैश्विक iPhone निर्माण और निर्यात का केंद्र।
नई दिल्ली (Digitallivenews): भारत में 2021 में iPhone का उत्पादन शुरू होने के बाद अब यह देश निर्यात के बड़े केंद्र के रूप में उभर चुका है। 2025 में पहली बार भारत से iPhone का कुल निर्यात 2.03 लाख करोड़ रुपये (23 अरब डॉलर) को पार कर गया है। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में करीब 85 प्रतिशत अधिक है और भारतीय निर्यात इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ है।
निर्यात में लगातार बढ़ोतरी
ठेके पर iPhone बनाने वाली कंपनियों द्वारा सरकार को उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार:
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2021: भारत से iPhone का निर्यात 8,800 करोड़ रुपये था।
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2022: यह बढ़कर 36,234 करोड़ रुपये हुआ।
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2023: निर्यात दोगुने से अधिक बढ़कर 74,000 करोड़ रुपये पहुंचा।
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2024: 1.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
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2025: अब यह आंकड़ा 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया।
इस लगातार बढ़ोतरी का मुख्य कारण प्रधानमंत्री की उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना है, जिसके तहत भारत में उत्पादन बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
भारत को वैश्विक निर्यात केंद्र बनाने की रणनीति
PLI योजना लागू होने के बाद Apple का मुख्य फोकस भारत को एक बड़े निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने पर रहा है। इसके तहत हर साल iPhone निर्यात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रारंभिक दौर में उत्पादन मुख्य रूप से निर्यात बाजार के लिए केंद्रित था।
Apple की भारत यात्रा और आपूर्तिकर्ता
2020 में PLI योजना की घोषणा के बाद Apple ने अपने दो प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं विस्ट्रॉन और फॉक्सकॉन के साथ भारत में कदम रखा। हालांकि कोरोना महामारी और चीन के साथ सीमा पर तनाव के कारण उत्पादन में थोड़ी देरी हुई, लेकिन 2021 में भारत में iPhone निर्माण की शुरुआत संभव हो सकी।
भारतीय कंपनियों को शामिल करना
2023 से Apple ने भारतीय कंपनियों को अपने पारिस्थितिकी तंत्र में शामिल करना शुरू किया। इस कदम से तकनीक हस्तांतरण हुआ और MSME क्षेत्र को लाभ मिला।
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टाटा समूह इस क्षेत्र में शामिल होने वाला पहला बड़ा भारतीय समूह बना।
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2023 में टाटा ने कर्नाटक स्थित विस्ट्रॉन के iPhone प्लांट का अधिग्रहण किया।
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इसके बाद टाटा ने तमिलनाडु में पेगाट्रॉन की फैक्ट्री में बहुलांश हिस्सेदारी हासिल की।
निर्यात सफलता का अर्थ
इस रिकॉर्ड से साफ होता है कि भारत अब न केवल एक बड़े निर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है, बल्कि वैश्विक iPhone आपूर्ति श्रृंखला में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस उपलब्धि ने ‘मेक इन इंडिया’ और भारत को तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से सशक्त बनाने के उद्देश्य को मजबूती दी है।
Apple के निर्यात आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारत की उत्पादन क्षमता, कुशल मानव संसाधन और सरकारी योजनाएं अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ पैदा कर रही हैं। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में और अधिक निवेश और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत का यह iPhone निर्यात रिकॉर्ड न सिर्फ आर्थिक उपलब्धि है, बल्कि यह यह भी साबित करता है कि देश तकनीक और विनिर्माण में वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।