आगरा में डिजिटल युग में पर्यटन पत्रकारिता समिट: डेटा, रिसर्च और ब्रांडिंग पर मंथन

Report By: Kiran Prakash Singh 

आगरा टूरिज्म जर्नलिज्म समिट में डिजिटल पत्रकारिता, डेटा एनालिटिक्स और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग पर चर्चा, ताज महोत्सव के मंच से नई दिशा।

आगरा:(digitallivenews)। ताज महोत्सव के मुक्ता आकाशीय मंच पर सोमवार को आयोजित “डिजिटल युग में टूरिज्म जर्नलिज्म: डेटा, डिस्कोर्स और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग” विषयक समिट ने पर्यटन और पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर गंभीर मंथन किया। यह कार्यक्रम ताज प्रेस क्लब और पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

समिट का उद्घाटन राज्य मंत्री प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल, जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता ताज प्रेस क्लब के मनोज मिश्रा ने की। मंच पर टूरिज्म इंडस्ट्री, होटल एसोसिएशन, पत्रकारिता जगत और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।

समिट में यह बात स्पष्ट हुई कि डिजिटल युग में पर्यटन पत्रकारिता केवल स्थलों के वर्णन तक सीमित नहीं रह गई है। अब इसमें डेटा एनालिसिस, विजिटर ट्रेंड, सोशल मीडिया नैरेटिव और डेस्टिनेशन ब्रांडिंग की महत्वपूर्ण भूमिका बढ़ गई है। वक्ताओं ने कहा कि आगरा की वैश्विक पहचान मजबूत करने के लिए प्रमाणिक और शोध आधारित रिपोर्टिंग जरूरी है।

केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने कहा, “डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जो सामग्री जाती है, वही दुनिया की धारणा बनाती है। आगरा की पहचान केवल ताजमहल तक सीमित नहीं है। यहां का शिल्प, खानपान, इतिहास और लोकसंस्कृति भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। पत्रकार यदि तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर सकारात्मक और संतुलित रिपोर्टिंग करेंगे तो पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।” उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर काम कर रही है।

जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि पर्यटन केवल राजस्व का साधन नहीं है, बल्कि रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि प्रशासन डेटा मैनेजमेंट और विजिटर एनालिटिक्स के जरिए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है।

ताज प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि पत्रकारों को डिजिटल टूल्स और डेटा की समझ विकसित करनी होगी। “पर्यटन पत्रकारिता अब केवल फीचर स्टोरी नहीं है। इसमें रिसर्च, ग्राउंड रिपोर्टिंग और विश्लेषण तीनों का संतुलन जरूरी है।”

प्रेस क्लब के सचिव आलोक द्विवेदी ने जोर दिया कि सूचना की गति भले तेज हो गई हो, लेकिन विश्वसनीयता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, “पर्यटन से जुड़ी खबरों में अक्सर ठोस आंकड़ों की कमी रहती है। रिसर्च आधारित लेखन और तथ्यपरक विश्लेषण ही बेहतर पत्रकारिता की पहचान है।”

समापन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर की ब्रांडिंग केवल स्मारकों तक सीमित नहीं, बल्कि स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन, पर्यावरण संतुलन और डिजिटल उपस्थिति से तय होती है।

कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि अगर पत्रकारिता तथ्यपरक और दूरदर्शी होगी, तो आगरा को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा सकता है। यह समिट न केवल पर्यटन पत्रकारिता में नई दिशा देने वाला साबित हुआ, बल्कि आगरा की वैश्विक छवि और पर्यटन विकास में भी योगदान देगा।

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