नकली शहद बना सेहत के लिए खतरा

Report By: Kiran Prakash Singh

नकली शहद बन रहा सेहत का दुश्मन, लिवर और किडनी पर डाल रहा बुरा असर
नई दिल्ली | DigitalLiveNews

शहद को सदियों से प्राकृतिक औषधि और स्वस्थ जीवन का प्रतीक माना जाता है। यह न सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करता है, बल्कि त्वचा, बाल और घावों की देखभाल में भी इसकी अहम भूमिका है। लेकिन बाजार में मिलने वाला हर शहद शुद्ध नहीं होता। आजकल मिलावटी या नकली शहद का चलन बढ़ गया है, जो सेहत सुधारने के बजाय शरीर को बीमारियों की ओर धकेल रहा है।

न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, बाजार में बिकने वाले शहद का एक बड़ा हिस्सा रिफाइंड शुगर सिरप से तैयार किया जा रहा है, जो आमतौर पर चीन से आयात होता है। यह सिरप न केवल स्वाद और रंग में असली शहद जैसा होता है, बल्कि इसकी बनावट भी इतनी समान होती है कि आम उपभोक्ता आसानी से धोखा खा जाते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि नकली शहद से शरीर को कई नुकसान हो सकते हैं, विशेष रूप से लिवर और किडनी पर इसका बुरा असर पड़ता है। इसके नियमित सेवन से शरीर में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं, जिससे दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

नकली शहद पहचानने के आसान घरेलू तरीके:

  1. प्लेट टेस्ट: एक प्लेट में थोड़ा शहद डालकर उसमें थोड़ा पानी मिलाएं और प्लेट को धीरे-धीरे घुमाएं।

    • असली शहद में छत्ते जैसी संरचना बनती है।

    • नकली शहद तुरंत घुलकर कोई पैटर्न नहीं बनाता।

  2. वॉटर टेस्ट: एक ग्लास पानी में एक बूंद शहद डालें।

    • असली शहद पानी में नीचे बैठ जाता है और तुरंत नहीं घुलता।

    • मिलावटी शहद या शक्कर मिला हुआ शहद तुरंत घुल जाता है।

  3. एनएमआर टेस्ट (NMR – Nuclear Magnetic Resonance):
    यह एक वैज्ञानिक और प्रमाणिक तरीका है जिससे शहद में शुगर सिरप की मिलावट का पता लगाया जा सकता है। कई देश अब इस टेस्ट को शहद की शुद्धता की पुष्टि के लिए अनिवार्य मानने लगे हैं।

असली शहद के फायदे:

  • इम्युनिटी बूस्टर

  • घाव भरने में सहायक

  • त्वचा और बालों की देखभाल में उपयोगी

  • पाचन सुधारता है

  • प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर

मिलावटी शहद से नुकसान:

  • लिवर और किडनी पर दबाव

  • ब्लड शुगर लेवल में असंतुलन

  • पाचन संबंधी समस्याएं

  • दीर्घकालिक सेवन से हॉर्मोनल असंतुलन

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे शहद खरीदते समय ब्रांड की प्रमाणिकता, लेबेलिंग और टेस्टिंग स्टैंडर्ड्स की जानकारी जरूर लें। सिर्फ स्वाद पर भरोसा न करें, बल्कि इसकी शुद्धता की जांच जरूरी है।

यदि आप स्वास्थ्य के प्रति सचेत हैं, तो यह जरूरी है कि असली और नकली शहद के बीच फर्क करना सीखें और केवल प्रामाणिक स्रोतों से ही शहद खरीदें। वरना सेहत सुधारने के बजाय यह आपकी बीमारियों की वजह बन सकता है।

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