
Report By: Kiran Prakash Singh
SIR विवाद के बीच जयराम रमेश ने ECINet और Form 6 को लेकर सवाल उठाए। गोवा में 97 मतदाताओं के नाम और 8 ईमेल वाली रिपोर्ट से विवाद बढ़ा।
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SIR पर ECINet और Form 6 को लेकर बढ़ा विवाद
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद जारी है। इसी बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ECINet सॉफ्टवेयर, Form 6 और मतदाता सूची में नामों को लेकर सवाल उठाए हैं। रमेश ने 24 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पोस्ट में एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर आरोप लगाए। उनके मुताबिक, गोवा में ऐसे 97 मतदाताओं का मामला सामने आया जिन्हें स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों ने जांच के बाद योग्य माना, लेकिन उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।
गोवा के 97 मतदाताओं का मामला क्या है?
द इंडियन एक्सप्रेस की 24 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, SIR के दौरान गोवा में 97 मतदाताओं को पहले ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ के आधार पर सूची से हटाने की प्रक्रिया में रखा गया था। बाद में इन मतदाताओं को दस्तावेज और आपत्तियां पेश करने का अवसर मिला। स्थानीय Electoral Registration Officers यानी EROs और Assistant EROs ने मामलों की जांच की और इन 97 लोगों को मतदाता सूची में शामिल किए जाने के योग्य माना।
रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद नामों को दोबारा शामिल करने के लिए तकनीकी स्तर पर बदलाव जरूरी था। लेकिन अंतिम सूची जारी होने तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। गोवा की SIR 2026 अंतिम मतदाता सूची 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित हुई थी।
7 दिन में 8 ईमेल का दावा
रिपोर्ट में बताया गया है कि गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से 7 दिनों में 8 ईमेल भेजकर ECINet में रोलबैक की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। उद्देश्य उन 97 मतदाताओं के नामों को फिर से शामिल करना था, जिन्हें स्थानीय अधिकारियों ने योग्य माना था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इन अनुरोधों के बावजूद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने तक जरूरी तकनीकी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर जयराम रमेश ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम अभी रिपोर्ट और राजनीतिक दावों के संदर्भ में चर्चा में है।
ECINet क्या है और विवाद क्यों?
ECINet चुनाव आयोग का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां मतदाता सेवाओं और चुनाव संबंधी विभिन्न डिजिटल सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। चुनाव आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर SIR से जुड़ी सेवाएं, मतदाता सूची में नाम खोजने और अन्य पंजीकरण सुविधाएं उपलब्ध हैं।
गोवा के मामले में विवाद इस सवाल के इर्द-गिर्द है कि स्थानीय EROs द्वारा किसी मतदाता को योग्य माने जाने के बाद उस फैसले को डिजिटल सिस्टम में लागू करने की प्रक्रिया कितनी आसान और प्रभावी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 97 मामलों में स्थानीय स्तर पर फैसला होने के बावजूद अंतिम सूची में नाम वापस नहीं आ सके। यही मुद्दा अब ECINet के केंद्रीकरण और अधिकारियों की भूमिका को लेकर बहस का हिस्सा बन गया है।
Form 6 को लेकर कांग्रेस के सवाल
इस विवाद में Form 6 भी चर्चा में है। चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक Form 6 का इस्तेमाल नए सामान्य मतदाताओं के पंजीकरण के लिए किया जाता है। गोवा के CEO कार्यालय की वेबसाइट भी इसे 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए बताती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा में जिन 97 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में वापस नहीं आ सके, उनमें से कुछ को नए सिरे से Form 6 के जरिए आवेदन करने के लिए कहा गया। इसी बिंदु पर कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब स्थानीय अधिकारियों ने पहले ही संबंधित मतदाताओं को योग्य माना था, तो उन्हें दोबारा नए मतदाता के तौर पर आवेदन करने की जरूरत क्यों पड़ी।
जयराम रमेश ने EC से क्या सवाल किए?
जयराम रमेश ने इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर राजनीतिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा प्रक्रिया से वैध मतदाताओं के नाम प्रभावित होने का खतरा है और आयोग की कार्यप्रणाली पर स्पष्टीकरण जरूरी है। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।
रमेश ने अपने राजनीतिक बयान में SIR की आलोचना करते हुए “MODI” शब्द का इस्तेमाल भी किया, जिसका उन्होंने एक राजनीतिक विस्तार बताया। यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है, जिसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
वहीं, चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर SIR 2026 से जुड़ी मतदाता सेवाएं और अंतिम मतदाता सूची उपलब्ध हैं। आयोग की वेबसाइट के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, आवेदन की स्थिति देखने और विवरण अपडेट करने जैसी सुविधाएं भी जारी हैं।
फिलहाल गोवा के 97 मतदाताओं, 8 ईमेल और ECINet की तकनीकी प्रक्रिया को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने SIR विवाद को एक नया मुद्दा दे दिया है। आगे चुनाव आयोग की ओर से इस मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण आता है या नहीं, इस पर नजर बनी हुई है।
आज की तारीख: 24 सितंबर 2026
digitallivenews.com