
Report By: Kiran Prakash Singh
अयोध्या में ₹432 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण के दौरान CM योगी ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। हनुमानगढ़ी, राम मंदिर और अयोध्या के विकास को लेकर कई बयान दिए।
अयोध्या में CM योगी का विपक्ष पर हमला, हनुमानगढ़ी से राम मंदिर तक साधा निशाना
📅 दिनांक: 10 जुलाई 2026
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अयोध्या दौरे में CM योगी ने विपक्ष पर बोला हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने ₹432 करोड़ से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर कई बयान दिए।
हनुमानगढ़ी को लेकर दिया बड़ा बयान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया गया था।” उन्होंने सवाल उठाया कि “क्या कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करा सकता है?” उनके अनुसार, उनकी सरकार ने अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को दोबारा स्थापित किया है और धार्मिक विरासत को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। यह बयान अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
अयोध्या के विकास कार्यों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद अयोध्या में अभूतपूर्व विकास हुआ है। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सड़कों, घाटों, सोलर सिटी, सूरजकुंड के पुनरुद्धार और अन्य परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अयोध्या देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर का भव्य निर्माण पूरा हुआ और विकास की नई पहचान बनी है।
राम मंदिर और विपक्ष पर साधा निशाना
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अयोध्या की पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ और अब अयोध्या विश्व स्तर पर नई पहचान बना रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तियों के कथित कृत्यों के आधार पर पूरे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बदनाम करना उचित नहीं है।
विकास और सांस्कृतिक विरासत पर दिया जोर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या केवल धार्मिक नगरी ही नहीं बल्कि सूर्यवंश की राजधानी और भारत की सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अयोध्या को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। कार्यक्रम में विभिन्न विकास योजनाओं का शुभारंभ किया गया और स्थानीय जनता को कई नई परियोजनाओं की सौगात दी गई। राजनीतिक दृष्टि से भी इस संबोधन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें विकास के साथ-साथ विपक्ष पर भी तीखे हमले देखने को मिले।