
Report By: Kiran Prakash Singh
पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर 1 बजे तक 61.11% मतदान हुआ। पहले चरण से थोड़ी धीमी रफ्तार, फिर भी मतदाताओं में भारी उत्साह दिखा।
बंगाल चुनाव में बंपर वोटिंग: दूसरे चरण में रफ्तार थोड़ी धीमी, लेकिन उत्साह बरकरार
142 सीटों पर मतदान, लोकतंत्र का बड़ा दिन
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में मतदाताओं का उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। इस चरण में कोलकाता, हावड़ा, हुगली, नादिया और 24 परगना जैसे अहम जिले शामिल हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर 1 बजे तक 61.11% मतदान दर्ज किया गया, जो कि मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।
पहले चरण से थोड़ा धीमा रहा मतदान प्रतिशत
हालांकि मतदान तेज गति से जारी है, लेकिन आंकड़ों के मुताबिक दूसरे चरण की वोटिंग पहले चरण से थोड़ी धीमी रही है।
सुबह 9 बजे तक जहां पहले चरण में 18.76% मतदान हुआ था, वहीं इस बार 18.39% ही रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 11 बजे तक पहले चरण में 41.11% और दूसरे चरण में 39.97% वोटिंग हुई।
दोपहर 1 बजे तक भी यह अंतर बना रहा, जहां पहले चरण में 62.18% और दूसरे में 61.11% मतदान हुआ। यानी कुल मिलाकर लगभग 1% की गिरावट देखने को मिली।
लंबी कतारें, लेकिन कहीं-कहीं तनाव भी
राज्य के कई इलाकों में मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी गईं, जिससे साफ है कि लोग लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
हालांकि कुछ जगहों पर हिंसा और तनाव की खबरें भी सामने आई हैं। कुछ इलाकों में झड़प, EVM खराबी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की घटनाएं सामने आईं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।
जिलेवार आंकड़े: कहां तेज, कहां धीमी वोटिंग
अगर जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें, तो मतदान की रफ्तार अलग-अलग जगहों पर अलग रही।
- पूर्व बर्धमान में सबसे ज्यादा करीब 66.80% मतदान दर्ज किया गया
- हुगली में 64% से ज्यादा वोटिंग हुई
- वहीं कोलकाता दक्षिण में सबसे कम करीब 57.73% मतदान दर्ज किया गया
इसके अलावा हावड़ा, नादिया और 24 परगना जिलों में भी मध्यम से तेज मतदान देखने को मिला। यह आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण इलाकों में मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत ज्यादा रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में थोड़ी धीमी रही।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हाई-प्रोफाइल मुकाबले
चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए राज्य में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। लाखों केंद्रीय बलों और पुलिसकर्मियों को संवेदनशील इलाकों में लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
इस चरण में कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर मुकाबला है, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
निष्कर्ष: हल्की गिरावट के बावजूद मजबूत लोकतांत्रिक भागीदारी
पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण में मतदान भले ही पहले चरण के मुकाबले थोड़ा धीमा रहा हो, लेकिन 61% से ज्यादा वोटिंग यह साबित करती है कि जनता में लोकतंत्र के प्रति विश्वास और उत्साह बरकरार है।
हल्की गिरावट के बावजूद यह स्पष्ट है कि मतदाता अपने अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं, और अब सबकी नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।