
Report By: Kiran Prakash Singh
आगरा, (Digital Live News): यमुना पार क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान ग्राम पंचायत सदस्य की मौत के बाद हंगामा मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप लगाया। घटना के बाद छलेसर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत सदस्य को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिवार का आरोप है कि इलाज शुरू करने से पहले मोटी फीस वसूली गई, लेकिन समय पर उचित उपचार नहीं मिलने से मरीज की मौत हो गई। इस पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।
अस्पताल संचालक ने अपनी सफाई में कहा कि मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में था और इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई।
मृतक अपने पीछे सात बच्चों का परिवार छोड़ गए — विनीता (18), भारत (16), देवेश (14), विक्रम (12), सुदामा (7), रोशनी (6) और नंदनी (4)। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यमुना पार के कई अस्पताल अब “इलाज के नाम पर कसाईखाना” बन चुके हैं। आए दिन लापरवाही और मौत की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग हर बार सिर्फ कागजी कार्रवाई कर मामला रफा-दफा कर देता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
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आगरा में इलाज के दौरान ग्राम पंचायत सदस्य की मौत के बाद यमुना पार स्थित निजी अस्पताल में हंगामा मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही और मोटी फीस वसूलने का आरोप लगाया।