
Report By: Kiran Prakash Singh
अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से 3 लोग लापता, 20 घर क्षतिग्रस्त। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहत व बचाव कार्यों का भरोसा दिया।
Date: 25 June 2026
Website: DigitalLiveNews.com
अरुणाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड का कहर, 3 लोग लापता, 20 घर क्षतिग्रस्त
48 घंटे की भारी बारिश के बाद आई अचानक बाढ़
अरुणाचल प्रदेश के कीई पन्योर और लोअर सुबनसिरी क्षेत्र में लगातार 48 घंटे तक हुई भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार को आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण कम से कम तीन लोग लापता हो गए, जबकि लगभग 20 घर क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान जारी है।
भारी वर्षा के कारण कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
किरेन रिजिजू ने जताया दुख, मदद का दिया भरोसा
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बाढ़ और भूस्खलन से हुई जान-माल की क्षति बेहद दुखद है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
रिजिजू ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और भलाई है। बचाव, राहत और पुनर्वास के कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रही हैं।
असम में भी हाई अलर्ट, बढ़ सकता है नदी का जलस्तर
अरुणाचल प्रदेश में हुई भारी बारिश का असर पड़ोसी राज्य असम में भी देखने को मिल सकता है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अगले एक-दो दिनों में कई निचले इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए असम सरकार ने संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुबनसिरी नदी बेसिन के ऊपरी क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होने के कारण नदी के बहाव में अचानक वृद्धि हुई है। इससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना बढ़ गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को नदी किनारे जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने जारी की महत्वपूर्ण जानकारी
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, गुवाहाटी और मौसम विज्ञान केंद्र, ईटानगर के अनुसार याजाली क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान 72.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकांश वर्षा 24 जून की सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच हुई, जिसके कारण जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उपग्रह और रडार से प्राप्त आंकड़ों ने भी अत्यधिक बारिश की पुष्टि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम समय में हुई भारी वर्षा ने फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा कर दी, जिससे कई इलाकों में नुकसान हुआ।
राहत और बचाव कार्य जारी, लोगों से सतर्क रहने की अपील
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य कर रही हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही क्षतिग्रस्त घरों और प्रभावित परिवारों का आकलन कर सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान पहाड़ी राज्यों में इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है, इसलिए सतर्कता और समय पर चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है।
अरुणाचल प्रदेश में आई यह आपदा एक बार फिर प्राकृतिक चुनौतियों के प्रति तैयार रहने की आवश्यकता को उजागर करती है। सरकार और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।