“किरण रिजिजू ने कहा – यूसीसी से आदिवासी क्षेत्र रहेंगे बाहर”

Report By: Kiran Prakash Singh

यूसीसी से आदिवासी क्षेत्र रहेंगे बाहर: किरेन रिजिजू ने केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया

📍 नई दिल्ली | 🗓️ 1 सितंबर 2025
✍️ Digital Live News Desk


मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • किरेन रिजिजू ने कहा: यूसीसी आदिवासी क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा

  • संविधान की पांचवीं और छठी अनुसूचियों के तहत छूट

  • सोशल मीडिया पर “गलत विमर्श” फैलाने वालों पर टिप्पणी

  • उत्तराखंड पहला राज्य, जिसने UCC लागू किया

  • आदिवासी कल्याण पर मोदी सरकार की पहल की सराहना


रिजिजू का बयान: आदिवासियों को मिलेगी उनकी परंपरा से जीने की आज़ादी

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) देश के आदिवासी इलाकों पर लागू नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर और अनुसूचित क्षेत्रों के लोगों को उनकी सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार जीवन जीने की पूरी स्वतंत्रता दी जाएगी।

रिजिजू नागपुर में वनवासी कल्याण आश्रम के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां उन्होंने कहा:

“कुछ लोग सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार के खिलाफ भ्रम फैला रहे हैं। मैं बताना चाहता हूं कि UCC आदिवासी क्षेत्रों में लागू नहीं होगी।”


संविधान की सुरक्षा के तहत छूट

रिजिजू ने कहा कि संविधान के अनुसूचित क्षेत्र (Schedule 5 & 6) के तहत आने वाले समुदायों को UCC से छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा:

“हम जब देश में समान नागरिक संहिता की बात करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आदिवासियों की परंपराओं में दखल दिया जाएगा।”
“उनकी संस्कृति, रीति-रिवाज और जीवनशैली को पूरी तरह संरक्षित रखा जाएगा।”


उत्तराखंड में लागू हो चुका है UCC

रिजिजू ने यह भी बताया कि उत्तराखंड पहला राज्य है, जिसने UCC लागू कर दिया है।
देश के अन्य राज्यों में भी इस पर चर्चा चल रही है और विधि आयोग द्वारा विचार जारी है।


कांग्रेस पर हमला, मोदी सरकार की तारीफ

कार्यक्रम के दौरान रिजिजू ने कांग्रेस की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि एक समय में आदिवासी नेताओं को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता था। उन्होंने अरविंद नेताम का ज़िक्र करते हुए बताया कि किस तरह वे वर्षों तक राज्य मंत्री बने रहे, लेकिन उन्हें कैबिनेट में स्थान नहीं मिला।

वहीं, उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा:

“आज हमारे पास तीन कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री आदिवासी समुदाय से हैं। यह पहले कभी नहीं हुआ था।”

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी आदिवासियों के लिए किए गए कार्यों पर पीएम मोदी की दूरदर्शिता की सराहना की।


निष्कर्ष:

यूसीसी (समान नागरिक संहिता) को लेकर देश में चर्चाएं तेज़ हैं, लेकिन सरकार ने आदिवासी समुदायों को बड़ी राहत दी है। रिजिजू का यह स्पष्ट संदेश बताता है कि संविधान के दायरे में रहते हुए, परंपरा और आधुनिकता में संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।

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