
Report By: Kiran Prakash Singh
जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के 11वें दिन AISA नेता हृषिकेश की तबीयत बिगड़ी। गंभीर हालत में RML अस्पताल में भर्ती, आंदोलन जारी रहने का ऐलान।
📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के बीच AISA नेता की तबीयत बिगड़ी, RML में भर्ती
भूख हड़ताल के 11वें दिन बिगड़ी तबीयत
दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर जारी भूख हड़ताल के 11वें दिन AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) से जुड़े छात्र नेता और जेएनयू के बराक हॉस्टल के पहले अध्यक्ष कॉमरेड हृषिकेश की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। स्वास्थ्य खराब होने के बाद उन्हें बुधवार शाम करीब 7 बजे तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
शरीर में दिखे गंभीर स्वास्थ्य संबंधी लक्षण
AISA की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, लगातार 11 दिनों की भूख हड़ताल के कारण हृषिकेश के शरीर में गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आने लगीं। संगठन का दावा है कि पिछले 24 घंटे से वह अपने हाथ-पैर ठीक से नहीं हिला पा रहे थे और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत भी हुई। उनकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल अस्पताल में भर्ती करने का निर्णय लिया।
संगठन के मुताबिक, चिकित्सकीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्हें इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड दिया जाएगा, जिसके साथ उनकी व्यक्तिगत भूख हड़ताल समाप्त होगी।
अन्य छात्र नेता अब भी भूख हड़ताल पर
हृषिकेश के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। AISA के अनुसार, संगठन की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) के उपाध्यक्ष दीपक, अंबेडकर विश्वविद्यालय छात्रसंघ के उपाध्यक्ष आमीन और सोनम वांगचुक सहित अन्य प्रदर्शनकारी अभी भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और शिक्षा मंत्री पर लगाए आरोप
AISA ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। संगठन का आरोप है कि लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे प्रदर्शनकारियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही आवाजों की अनदेखी की जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
AISA ने स्पष्ट किया है कि हृषिकेश की तबीयत बिगड़ने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
दूसरी ओर, चिकित्सकों की निगरानी में हृषिकेश की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। छात्र संगठनों और समर्थकों की निगाहें अब सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलन के अगले चरण पर टिकी हुई हैं।
नोट: इस समाचार में AISA द्वारा लगाए गए आरोप संगठन के दावों पर आधारित हैं। सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।
📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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