
Report By: Kiran Prakash Singh
SIR के बीच BLO ऐप में Mark VIP फीचर चर्चा में है। जानिए VIP या Marked Elector की पहचान कैसे होती है और ECI के नियम इस पर क्या कहते हैं।
———————————————————————————————————————————————————————————-
BLO ऐप का ‘Mark VIP’ फीचर क्यों चर्चा में है?
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी बहस के बीच चुनाव आयोग के BLO ऐप में ‘Mark VIP’ फीचर चर्चा में आया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फीचर के जरिए बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO किसी मतदाता को VIP या ‘Marked Elector’ के तौर पर चिन्हित कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के CEO कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि ऐप में यह फीचर जुलाई 2026 के अपडेट के दौरान जोड़ा गया था।
हालांकि, VIP मार्क होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को मतदाता सूची से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं से कानूनी छूट मिल जाती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसका उद्देश्य ऐसे मतदाताओं को डेटाबेस में अलग से फ्लैग करना और सत्यापन प्रक्रिया में पहचान आसान बनाना है।
ऐप में कब जोड़ा गया ‘Mark VIP’ फीचर?
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि BLO ऐप को 30 जुलाई 2026 को अपडेट किया गया था। Apple App Store के रिकॉर्ड में इसके बाद ‘mark VIP elector related changes’ से संबंधित अपडेट दर्ज हुआ।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दिल्ली और हरियाणा में BLO स्तर पर यह मॉड्यूल इस्तेमाल में था। हालांकि Android Play Store पर इसी बदलाव का समान विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं बताया गया।
फीचर को लेकर चुनाव आयोग से इसकी शुरुआत और अधिकार संबंधी सवालों पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी। उपलब्ध रिपोर्ट में उस समय तक आयोग की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं मिलने की बात कही गई थी।
BLO किस तरह करता है VIP मार्किंग?
रिपोर्ट के अनुसार, BLO घर-घर जाकर मतदाता की जानकारी के सत्यापन के दौरान किसी पात्र व्यक्ति को VIP के तौर पर मार्क कर सकता है। इसके बाद यह जानकारी आगे के चुनावी अधिकारियों के स्तर पर जांची जाती है।
दिल्ली के एक अधिकारी के मुताबिक, मार्किंग के बाद जानकारी AERO और ERO स्तर से गुजरती है और फिर CEO कार्यालय तक पहुंचती है। रिपोर्ट में नई दिल्ली जिले में लगभग 1,000 ऐसे मतदाताओं का उल्लेख किया गया है।
इस प्रक्रिया को मुख्य रूप से पहचान और प्रशासनिक सुविधा से जोड़कर बताया गया है। यानी ‘VIP’ टैग अपने आप में किसी व्यक्ति को सामान्य मतदाता प्रक्रिया से बाहर नहीं करता।
क्या VIP वोटरों के लिए पहले से नियम हैं?
यह प्रावधान पूरी तरह नया नहीं बताया गया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार मार्क्ड इलेक्टर को चुनावी डेटाबेस में फ्लैग करने की व्यवस्था चुनाव आयोग के नियमों और मैनुअल में पहले से मौजूद रही है। ECI के मार्च 2023 के Manual on Electoral Rolls में कुछ श्रेणियों के मतदाताओं को डेटाबेस में फ्लैग करने का प्रावधान बताया गया है। इसमें सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य, घोषित पदों पर बैठे व्यक्ति तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, न्यायपालिका और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े कुछ लोग शामिल हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद रहने और जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने से जुड़ा है। इसे मतदाता को स्थायी कानूनी सुरक्षा या चुनावी नियमों से छूट के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।
SIR में VIP मार्किंग और नोटिस का क्या संबंध है?
दिल्ली में SIR के दौरान कुछ चर्चित लोगों को मतदाता सूची से संबंधित लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी नोटिस दिए जाने की खबरों के बाद VIP मतदाताओं की प्रक्रिया पर भी चर्चा बढ़ी है। इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर जैसे नामों का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।
दिल्ली CEO कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी मतदाता को नोटिस मिलना अपने आप उसका नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का मतलब नहीं है। नाम हटाने की प्रक्रिया में संबंधित व्यक्ति को दावा और आपत्ति की प्रक्रिया तथा सुनवाई का अवसर दिया जाना होता है।
दिल्ली CEO की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक SIR 2026 की ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की गई थी। जिन पात्र लोगों का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 के बीच नाम शामिल कराने के लिए दावा दाखिल कर सकते हैं।
इसलिए ‘Mark VIP’ फीचर को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह एक प्रशासनिक फ्लैगिंग व्यवस्था है, न कि किसी व्यक्ति को मतदाता नियमों से ऊपर रखने वाली व्यवस्था। SIR के दौरान VIP या Marked Elector होने के बावजूद मतदाता सूची से संबंधित निर्धारित प्रक्रिया लागू रहती है।
दिनांक: 25 सितंबर 2026
digitallivenews.com