
Report By: Kiran Prakash Singh
🇮🇳 फरहान अख्तर की फिल्म “120 बहादुर” — 1962 के वीरों को सलाम, न कि सिर्फ एक हीरो को 🙌
फरहान अख्तर ने कहा, “120 बहादुर किसी एक हीरो की नहीं, पूरी कंपनी की वीरता की कहानी है।” फिल्म 1962 के रेजांग ला युद्ध पर आधारित वॉर ड्रामा है।
मुंबई (Digital Live News): बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और निर्माता फरहान अख्तर इन दिनों अपनी अपकमिंग वॉर ड्रामा फिल्म “120 बहादुर” को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वे वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के शो “आप की अदालत” में पहुंचे, जहाँ उन्होंने फिल्म से जुड़े विवादों पर खुलकर बात की।
🎖️ “यह सिर्फ मेजर शैतान सिंह की कहानी नहीं” — फरहान अख्तर
फरहान से पूछा गया कि क्या फिल्म का फोकस सिर्फ मेजर शैतान सिंह भाटी पर है और बाकी 120 सैनिकों की वीरता को नज़रअंदाज़ किया गया है?
इस पर फरहान ने बड़ी स्पष्टता से जवाब दिया —
“अगर मैं सिर्फ मेजर शैतान सिंह पर फिल्म बनाना चाहता, तो इसका नाम ‘शैतान सिंह’ रख देता। लेकिन इसका नाम ‘120 बहादुर’ इसलिए है, क्योंकि यह पूरी कंपनी की वीरता और सामूहिक बलिदान की कहानी है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह फिल्म किसी एक हीरो की बायोपिक नहीं, बल्कि सभी जवानों को समर्पित श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
🪖 रेजांग ला की लड़ाई — भारत का स्वर्ण अध्याय
फरहान ने बताया कि “120 बहादुर” 1962 के भारत-चीन युद्ध में लड़ी गई ऐतिहासिक रेजांग ला की लड़ाई पर आधारित है।
यह वही जंग थी, जहाँ भारतीय सेना की 13 कुमाऊं रेजीमेंट की अहीर कंपनी ने असाधारण साहस दिखाया और इतिहास में अमर हो गई।
फरहान ने फिल्म का एक डायलॉग साझा किया जो हर भारतीय को गर्व से भर देता है —
“अहिर हैं हम, प्यार से मांगोगे तो जान भी दे देंगे, लेकिन देश पर बात आई तो एक तो क्या, सौ की जान ले भी लेंगे।”
उन्होंने कहा कि यह संवाद उस भावना का प्रतीक है, जो इन सैनिकों की रगों में बहती थी — देश के लिए अंतिम सांस तक लड़ने की भावना।
🎬 फिल्म की टीम और निर्माण
इस फिल्म में फरहान अख्तर खुद मेजर शैतान सिंह भाटी (PVC) का किरदार निभा रहे हैं — वह वीर अधिकारी जिन्होंने अपने नेतृत्व से भारत के सैन्य इतिहास का स्वर्ण अध्याय लिखा।
“120 बहादुर” का निर्देशन रजनीश ‘रेज़ी’ घई ने किया है,
जबकि फिल्म को रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर के एक्सेल एंटरटेनमेंट ने अमित चंद्रा के ट्रिगर हैप्पी स्टूडियोज़ के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है।
💫 दर्शकों में बढ़ा देशभक्ति का जोश
फिल्म का विषय सुनकर ही सोशल मीडिया पर देशभक्ति की लहर दौड़ गई है।
फैंस का कहना है कि “120 बहादुर सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारत के वीरों को समर्पित एक भावना है।”
🌟 निष्कर्ष
फरहान अख्तर की “120 बहादुर” न सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना को जीवंत करती है, बल्कि यह हर भारतीय को याद दिलाती है कि देशभक्ति किसी एक व्यक्ति की नहीं, पूरे जज़्बे की कहानी होती है।
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क्या “120 बहादुर” आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन पाएगी?
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