
Report By: Kiran Prakash Singh
NEET पेपर लीक, साहिल लोचब पैलेट गन केस और वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस-BJP आमने-सामने हैं। FIR के बाद भी सियासी बयानबाजी जारी है।
22 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
राहुल vs सरकार: पेपर लीक से पैलेट गन तक कांग्रेस-BJP आमने-सामने
NEET से शुरू हुआ छात्र मुद्दा अब पैलेट गन केस तक पहुंचा
देश की राजनीति में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। NEET पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं से शुरू हुई बहस अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्र साहिल लोचब के कथित तौर पर पैलेट गन से घायल होने के मामले तक पहुंच गई है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की शिकायतों पर कार्रवाई होनी चाहिए और किसी भी कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
वहीं भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी इन मामलों को राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
साहिल की FIR के लिए थाने पहुंचे राहुल गांधी
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर घायल हुए साहिल लोचब के मामले में राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाने पहुंचे थे।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं की जा रही थी। उन्होंने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की और समाधान नहीं होने पर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी के साथ साहिल और उसके परिवार के अलावा कांग्रेस के कई नेता भी मौजूद थे। करीब सात घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने साहिल की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की।
कांग्रेस ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है।
राहुल बोले- जांच और कार्रवाई जरूरी
FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि शिकायत दर्ज होना सिर्फ शुरुआत है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर किसी स्तर पर गलत कार्रवाई हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ था, तो साहिल के शरीर में मिले छर्रों की वजह क्या है।
कांग्रेस का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की परिस्थितियों की जांच होनी चाहिए। पार्टी ने इसे छात्रों के अधिकारों से जोड़कर सरकार के सामने सवाल रखे हैं।
वंदे मातरम विवाद ने भी बढ़ाया राजनीतिक तापमान
पैलेट गन मामले के साथ ही वंदे मातरम विवाद ने भी कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस कई मुद्दों को एक साथ उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। भाजपा का कहना है कि जिन मामलों की जांच पहले से चल रही है, उनमें राजनीतिक प्रदर्शन करने का उद्देश्य केवल सरकार को घेरना है।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का तर्क है कि अगर किसी मामले में कानूनी प्रक्रिया चल रही है तो उसका समाधान जांच और अदालत की प्रक्रिया से होना चाहिए।
BJP का पलटवार- जांच चल रही तो धरना क्यों?
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तब थाने के बाहर धरना देने की जरूरत क्यों पड़ी।
भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने भी राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। भाजपा का कहना है कि जंतर-मंतर की घटना को लेकर जांच की प्रक्रिया चल रही है और राहुल गांधी को कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखनी चाहिए।
वहीं कांग्रेस का तर्क है कि यदि शिकायत पर समय से कार्रवाई होती तो राहुल गांधी को थाने पहुंचकर प्रदर्शन करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
NEET से पैलेट गन तक जारी है सियासी घमासान
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं से लेकर साहिल लोचब मामले तक कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। राहुल गांधी का कहना है कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।
दूसरी ओर भाजपा कांग्रेस के इन विरोध प्रदर्शनों को राजनीतिक रणनीति बता रही है। पार्टी का आरोप है कि राहुल गांधी हर मुद्दे को सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
अब साहिल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह महत्वपूर्ण होगा। साथ ही NEET, पैलेट गन और वंदे मातरम जैसे मुद्दों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी टकराव आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
22 अगस्त 2026 | digitallivenews.com