
Report by: Kiran Prakash Singh
हल्द्वानी शुद्धिकरण पर खरगे बोले- मेरा अपमान हुआ, जांच होगी
हल्द्वानी में शुद्धिकरण यज्ञ पर सियासी घमासान, खरगे बोले- मेरा अपमान हुआ
डिजिटल लाइव न्यूज़ | 13 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। 8 अगस्त को हुई कांग्रेस की रैली के बाद मैदान में कराए गए कथित शुद्धिकरण यज्ञ का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। राज्यसभा में खरगे ने इस मुद्दे को उठाते हुए इसे अपना अपमान बताया, जबकि केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसे मामलों का समर्थन नहीं करती और मामले की जांच कराई जाएगी।
राज्यसभा में खरगे ने उठाया हल्द्वानी का मुद्दा
बुधवार को राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह रामलीला मैदान में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने पहुंचे थे और वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
खरगे के मुताबिक, अपने भाषण में उन्होंने किसी धर्म या समाज का नाम नहीं लिया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी थी। इसके बावजूद उनके भाषण के बाद बीजेपी से जुड़े लोगों ने उसी मंच पर हवन कर शुद्धिकरण किया।
खरगे ने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में क्या इस तरह की कार्रवाई उचित है और क्या इसी तरीके से संविधान की रक्षा की जाएगी।
खरगे बोले- इसे अपना अपमान मानता हूं
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से देखते हैं। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं और सार्वजनिक मंच पर उनके भाषण के बाद इस तरह की कार्रवाई किया जाना उनके लिए अपमानजनक है।
खरगे ने कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान और संघर्ष का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह दलित हैं, लेकिन किसी के सामने गिड़गिड़ाए नहीं बल्कि लड़ते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे। खरगे के बयान के दौरान सदन में हंगामा भी देखने को मिला।
जेपी नड्डा बोले- बीजेपी समर्थन नहीं करती
खरगे के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की घटना हुई है तो यह सभी के लिए दुखद और खेद का विषय है।
नड्डा ने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस तरह के मामलों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि खरगे ने जांच की बात कही है और इस मामले की तहकीकात कराई जाएगी।
हालांकि, नड्डा ने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले सीधे बीजेपी पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। उन्होंने मामले की वास्तविकता सामने आने के बाद ही निष्कर्ष निकालने की बात कही।
8 अगस्त को हुई थी ‘विजय शंखनाद रैली’
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में विजय शंखनाद रैली को संबोधित किया था। कांग्रेस की इस रैली में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
रैली समाप्त होने के बाद श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण यज्ञ कराया गया। संगठन से जुड़े लोगों ने खरगे को सनातन और हिंदू संगठनों का विरोधी बताते हुए इस कार्रवाई को उचित ठहराया।
संगठन की ओर से खरगे के पूर्व के कथित बयानों का भी हवाला दिया गया और कहा गया कि रामलीला के मंचन वाले मैदान में उनके कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण जरूरी था।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
हल्द्वानी की घटना को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ खरगे इसे अपने अपमान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं बीजेपी की ओर से इस घटना से दूरी बनाते हुए जांच की बात कही गई है।
इस पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल यह है कि शुद्धिकरण यज्ञ किस संगठन ने कराया, उसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और क्या इसमें किसी राजनीतिक दल की प्रत्यक्ष भूमिका थी। फिलहाल इन सवालों पर जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
घटना ने संसद में भी राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है। खरगे ने कहा है कि वह संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। वहीं जेपी नड्डा के जांच के आश्वासन के बाद अब नजर इस बात पर है कि मामले की जांच में क्या सामने आता है।
हल्द्वानी का यह विवाद एक बार फिर राजनीति, धर्म और लोकतांत्रिक मर्यादा से जुड़े सवालों को केंद्र में ले आया है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और दोनों दलों की प्रतिक्रियाएं इस मामले की दिशा तय कर सकती हैं।
डिजिटल लाइव न्यूज़ | 13 अगस्त 2026
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