
Report By: Kiran Prakash Singh
संसद में NEET छात्र आंदोलन पर जारी गतिरोध के बीच अमित शाह ने स्पीकर को पत्र लिखकर चर्चा की मांग की। कहा- विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार हूं।
अमित शाह का बड़ा दांव, NEET मुद्दे पर चर्चा को तैयार सरकार
डिजिटल लाइव न्यूज़ | 12 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
संसद के मानसून सत्र के खत्म होने से ठीक एक दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने NEET परीक्षा और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर बड़ा कदम उठाया है। संसद में लगातार जारी गतिरोध के बीच अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है। उन्होंने साफ कहा कि वह सदन में मौजूद रहकर विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
स्पीकर को पत्र लिखकर चर्चा की मांग
अमित शाह ने अपने पत्र में लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह विपक्ष से चर्चा करके आपसी सहमति से NEET छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय निर्धारित करें। गृहमंत्री ने कहा कि वह तय समय के दौरान सदन में उपस्थित रहेंगे और चर्चा में हिस्सा लेंगे।
उनका यह कदम ऐसे समय आया है जब मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर रहा है। NEET छात्र प्रदर्शन, दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई और राम मंदिर से जुड़े चंदे के आरोपों को लेकर विपक्ष ने चर्चा की मांग की है।
विपक्ष के हंगामे से सदन में गतिरोध
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के कारण कई बार सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। विपक्ष की मांग रही कि सरकार NEET परीक्षा और छात्रों से जुड़े सवालों पर स्पष्ट जवाब दे।
सरकार की ओर से पहले भी कहा गया था कि गृहमंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि, विपक्ष का कहना था कि वह अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेगा और राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
इसी वजह से सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन सकी और संसद की कार्यवाही कई मौकों पर बाधित रही।
अमित शाह ने विपक्ष पर भी उठाया सवाल
अपने पत्र में अमित शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सरकार की ओर से NEET परीक्षा और छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए सहमति दी थी।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद के मौजूदा सत्र में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा हो चुकी है। अमित शाह के मुताबिक, उस चर्चा के दौरान विपक्ष के किसी भी सांसद ने NEET परीक्षा के संबंध में सदन में अपना विचार नहीं रखा।
इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा के लिए तैयार है। अमित शाह के इस बयान को सरकार की ओर से विपक्ष को चर्चा के लिए खुली चुनौती के तौर पर भी देखा जा रहा है।
विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने को तैयार
गृहमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वह चर्चा में खुद भाग लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हैं।
अमित शाह ने लोकतंत्र में चर्चा और संवाद के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत के माध्यम से ही समाधान निकाला जा सकता है। उनका मानना है कि संसद का उद्देश्य ही सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर देना है।
उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया कि विपक्ष के नेताओं से बातचीत कर अच्छे वातावरण में चर्चा कराने की व्यवस्था की जाए, ताकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सांसद अपने विचार सदन में रख सकें।
क्या खत्म होगा संसद का गतिरोध?
अमित शाह के पत्र के बाद अब सभी की नजरें विपक्ष की प्रतिक्रिया पर हैं। सरकार ने एक बार फिर NEET छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा के लिए अपनी सहमति जाहिर कर दी है। वहीं विपक्ष पहले से ही कई मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमित शाह के इस कदम से संसद में जारी गतिरोध खत्म होगा? अगर दोनों पक्ष चर्चा के लिए सहमत होते हैं, तो NEET छात्र आंदोलन और परीक्षा से जुड़े सवालों पर सदन में विस्तृत बहस हो सकती है।
मानसून सत्र के अंतिम चरण में अमित शाह का यह पत्र राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अब विपक्ष को सीधे चर्चा की मेज पर आने का संदेश दे रही है। आने वाले समय में विपक्ष की रणनीति और स्पीकर की पहल से तय होगा कि इस मुद्दे पर संसद में बहस हो पाती है या गतिरोध आगे भी जारी रहता है।
digitallivenews.com | 12 अगस्त 2026