फोन-गैजेट्स होंगे सस्ते! सरकार ने हटाई कस्टम ड्यूटी

Report By: Kiran Prakash Singh

सरकार ने कई इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी हटाने का फैसला किया है। इससे स्मार्टफोन, गैजेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण की लागत घटने की उम्मीद है।

📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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सरकार का बड़ा फैसला: इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म, सस्ते हो सकते हैं फोन और गैजेट्स

इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने की तैयारी

त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कई जरूरी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को हटाने का फैसला किया है। इस कदम का उद्देश्य भारत में उत्पादन लागत कम करना, निवेश बढ़ाना और घरेलू निर्माण को मजबूती देना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कंपनियां लागत में होने वाली बचत का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन, गैजेट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।


किन-किन पार्ट्स पर हटाई गई कस्टम ड्यूटी?

सरकार ने जिन प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी हटाई है, उनमें शामिल हैं:

  • डिस्प्ले सेल (Display Cell)
  • बैकलाइट यूनिट (Backlight Unit)
  • फ्लेक्सिबल प्रिंटेड सर्किट असेंबली (FPCA)
  • NFC कॉइल
  • NdFeB मैग्नेट

इन कंपोनेंट्स का उपयोग स्मार्टफोन, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल डिस्प्ले, वायरलेस चार्जिंग सिस्टम और कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में किया जाता है।


31 मार्च 2029 तक मिलेगी राहत

सरकार ने यह छूट 31 मार्च 2029 तक लागू रखने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य कंपनियों को पर्याप्त समय देना है ताकि वे भारत में उत्पादन क्षमता बढ़ा सकें, नई तकनीकों में निवेश करें और आयात पर निर्भरता कम कर सकें।

इस अवधि में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को विस्तार देने के साथ-साथ ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


ग्राहकों और उद्योग को क्या होगा फायदा?

सरकार का मानना है कि कस्टम ड्यूटी हटने से कंपनियों की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट कम होगी। यदि कंपनियां इस बचत को उपभोक्ताओं तक पहुंचाती हैं, तो भविष्य में मोबाइल फोन, टैबलेट, स्मार्ट डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद पहले की तुलना में अधिक किफायती हो सकते हैं।

इसके अलावा, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर और इंडस्ट्रियल उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी कम लागत पर जरूरी कंपोनेंट्स उपलब्ध हो सकेंगे।


भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम

सरकार के अनुसार, अभी कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स विदेशों से आयात किए जाते हैं। ड्यूटी हटने से कंपनियों को भारत में ही उत्पादन बढ़ाने का अवसर मिलेगा और देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन मजबूत होगी।

इस फैसले से भारतीय कंपनियां वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकती हैं। साथ ही, नए निवेश, रोजगार के अवसर और तकनीकी विकास को भी गति मिलने की संभावना है।

हालांकि, उपभोक्ताओं को सस्ते फोन और गैजेट्स का लाभ कब और कितनी मात्रा में मिलेगा, यह कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति, बाजार प्रतिस्पर्धा और उत्पादन लागत में वास्तविक कमी पर निर्भर करेगा।

📅 दिनांक: 09 जुलाई 2026
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