करूर भगदड़ केस: TVK नेताओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Report By: Kiran Prakash Singh

करूर भगदड़ मामले में DMK ने सुप्रीम कोर्ट में TVK नेताओं पर CBI जांच प्रभावित करने का आरोप लगाया। कोर्ट 7 जुलाई को याचिका पर सुनवाई करेगा।

DigitalLiveNews.com | 06-07-2026

करूर भगदड़ मामला: CBI जांच प्रभावित करने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

करूर भगदड़ मामला फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ की घटना एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्तरी कड़गम (TVK) के कुछ नेता और मंत्री मामले की सीबीआई जांच को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर 7 जुलाई 2026 को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

DMK ने लगाए गंभीर आरोप

डीएमके के संगठन सचिव आर. एस. भारती की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेश की। याचिका में कहा गया है कि करूर भगदड़ मामले में आरोपपत्र का सामना कर चुके कुछ लोग अब सत्ता में मंत्री बन चुके हैं और अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर गवाहों को प्रभावित करने तथा जांच की दिशा बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

याचिका में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक मंचों से दिए जा रहे कुछ बयान जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं और इससे निष्पक्ष जांच पर सवाल उठ सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही CBI को सौंप चुका है जांच

याचिकाकर्ता ने अदालत को याद दिलाया कि करूर भगदड़ मामले की जांच पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जा चुकी है। साथ ही, जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में निगरानी व्यवस्था भी बनाई गई थी।

डीएमके का आरोप है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और मंत्री आधव अर्जुना सहित कुछ नेताओं के हालिया सार्वजनिक बयान जांच की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया और जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है।

मुख्यमंत्री के करूर दौरे पर भी उठे सवाल

याचिका में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के प्रस्तावित करूर दौरे पर भी सवाल उठाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री 10 जुलाई को पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपने वाले हैं।

डीएमके का दावा है कि यह कदम मुख्य गवाहों से सीधे संपर्क का माध्यम बन सकता है और इससे जांच प्रभावित होने की आशंका है। वहीं सरकार की ओर से इसे पीड़ित परिवारों की सहायता और राहत से जुड़ा कदम बताया जा रहा है।

41 लोगों की मौत के बाद शुरू हुई थी जांच

27 सितंबर 2025 को करूर में TVK की एक राजनीतिक रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआत में मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस से जांच वापस लेकर CBI को सौंप दी।

अब सुप्रीम कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि क्या मौजूदा परिस्थितियां जांच को प्रभावित कर रही हैं और क्या किसी अतिरिक्त निर्देश की आवश्यकता है। 7 जुलाई की सुनवाई पर सभी पक्षों और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और सीबीआई की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगा।


Published By: DigitalLiveNews.com
Date: 06-07-2026

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