राम मंदिर चढ़ावा विवाद: VHP-कांग्रेस में आरोपों की जंग तेज

Report By: Kiran Prakash Singh

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर कांग्रेस और VHP आमने-सामने। केसी वेणुगोपाल ने स्वतंत्र जांच की मांग उठाई, जबकि VHP ने विपक्षी नेताओं पर सवाल खड़े किए।

DigitalLiveNews.com | 06-07-2026

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: VHP और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज, जांच की मांग पर सियासत गरमाई

चढ़ावा चोरी के मामले पर तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी

अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने VHP, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र एवं सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। वहीं VHP पहले ही विपक्षी नेताओं की भूमिका पर सवाल उठा चुकी है।

केसी वेणुगोपाल ने VHP पर साधा निशाना

सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर सवाल उठाने वाला VHP का रुख “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” जैसी कहावत को चरितार्थ करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले निर्मोही अखाड़ा की ओर से VHP पर राम मंदिर से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए और अब उन्हीं विपक्षी नेताओं से पूछताछ की मांग की जा रही है जिन्होंने कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए थे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन संस्थाओं पर खुद सवाल उठ रहे हों, उन्हें विपक्ष पर उंगली उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।

मंदिर ट्रस्ट और सरकार पर भी उठाए सवाल

केसी वेणुगोपाल ने अपने बयान में कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और VHP तथा RSS के बीच संबंधों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि कथित अनियमितताओं की जांच हो रही है तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही।

उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार है, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा जांच व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव का नाम आने पर कांग्रेस का जवाब

VHP की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं के नाम लिए जाने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जिन नेताओं ने केवल कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए हैं, उन्हें निशाना बनाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि विपक्ष सवाल पूछ रहा है, जबकि जवाब उन लोगों को देना चाहिए जो मंदिर ट्रस्ट और उसके प्रबंधन से जुड़े हैं।

कांग्रेस ने इसे राजनीतिक ध्यान भटकाने की कोशिश बताते हुए कहा कि विपक्ष को बदनाम करने के बजाय तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

स्वतंत्र जांच की मांग, आरोपों पर अंतिम फैसला जांच से होगा

कांग्रेस ने एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच की मांग दोहराई है। पार्टी का कहना है कि मौजूदा विशेष जांच दल (SIT) पर भरोसा नहीं किया जा सकता और निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

वहीं दूसरी ओर VHP और भाजपा की ओर से अभी भी विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताया जा रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। आरोप और प्रत्यारोप के बीच अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।


Published By: DigitalLiveNews.com
Date: 06-07-2026

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