
Report By: Kiran Prakash Singh
केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया गोयल और चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया। मोबाइल फोन से मिले अहम डिजिटल सबूतों की जांच जारी है।
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📅 दिनांक: 04 जुलाई 2026
केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया और चेतन 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जांच में जुटी पुलिस
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को 16 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूत और अन्य फोरेंसिक सामग्री जांच में अहम भूमिका निभा सकती है।
16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत का आदेश
पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट ए.एम. विभूते की अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत से तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस हिरासत की मांग की। उनका कहना था कि मोबाइल फोन से मिली बातचीत में कोड वर्ड और संकेतों का इस्तेमाल हुआ है, जिन्हें समझने के लिए आगे पूछताछ आवश्यक है। हालांकि अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की और दोनों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
बचाव पक्ष ने पुलिस की मांग का किया विरोध
सिया गोयल और चेतन चौधरी के वकीलों ने अतिरिक्त पुलिस हिरासत का विरोध किया। उनका तर्क था कि पुलिस को पहले ही पर्याप्त समय मिल चुका है और अब आगे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियोजन की अतिरिक्त रिमांड की मांग खारिज कर दी।
मोबाइल फोन से मिले अहम डिजिटल सुराग
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ महत्वपूर्ण चैट, डिजिटल डेटा और कथित रूप से कोड भाषा में हुई बातचीत मिली है। पुलिस इन संदेशों का विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना की योजना किस तरह बनाई गई थी। इसके अलावा एक दूसरा मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच जारी है।
पुलिस का दावा- हत्या के पर्याप्त सबूत मौजूद
पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण गवाह सामने आए हैं और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने वित्तीय लेनदेन समेत कई पहलुओं की जांच की है। गिल के अनुसार, जांच एजेंसी के पास ऐसे सबूत मौजूद हैं जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि केतन अग्रवाल की हत्या की गई थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 18 जून 2026 को लोहागढ़ किले के पास केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। जांच में आरोप लगाया गया कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित रूप से उन्हें चट्टान से धक्का दिया। पुलिस का कहना है कि केतन और सिया की शादी इसी वर्ष नवंबर में होने वाली थी। इस मामले में हत्या, डिजिटल साक्ष्य, कथित आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। अब सभी की नजर आगामी सुनवाई और फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जो इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय कर सकती है।
नोट: इस मामले में आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। अदालत द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानून की नजर में निर्दोष माने जाते हैं।
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