
Report By: Kiran Prakash Singh
महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोक लगाने का ऐलान किया। बच्चों को जागरूक भी किया जाएगा।
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📅 दिनांक: 04 जुलाई 2026
महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों के 500 मीटर दायरे में नहीं बिकेंगे एनर्जी ड्रिंक
महाराष्ट्र सरकार ने बच्चों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। सरकार का मानना है कि इन पेय पदार्थों में मौजूद कैफीन और अन्य उत्तेजक तत्व कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। इस निर्णय को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
विधानसभा में उठा मुद्दा, सरकार ने लिया फैसला
यह विषय महाराष्ट्र विधानसभा में विधायक विक्रम पाचपुते द्वारा उठाया गया था। उन्होंने स्कूलों के आसपास बच्चों को आसानी से मिलने वाले एनर्जी ड्रिंक पर चिंता व्यक्त की। इसके जवाब में खाद्य एवं औषध प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाल ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और बच्चों के हित में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
क्यों लगाया जा रहा है प्रतिबंध?
सरकार के अनुसार, कई एनर्जी ड्रिंक में कैफीन, शर्करा और अन्य उत्तेजक तत्व अपेक्षाकृत अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि इनका अत्यधिक सेवन बच्चों और किशोरों में नींद की समस्या, हृदय गति बढ़ना, बेचैनी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पैदा कर सकता है। इसी वजह से स्कूलों के आसपास इनकी आसान उपलब्धता को सीमित करने का निर्णय लिया गया है।
स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान
सरकार केवल बिक्री पर रोक तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर स्कूलों में विशेष जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। इस अभियान के तहत छात्रों को एनर्जी ड्रिंक के अधिक सेवन से होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही अभिभावकों और शिक्षकों को भी बच्चों की खान-पान संबंधी आदतों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
बच्चों की सेहत पर सरकार का विशेष फोकस
पिछले कुछ वर्षों में एनर्जी ड्रिंक बच्चों और किशोरों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि कम उम्र में इन पेय पदार्थों का नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके और भविष्य में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से बचाया जा सके।
जमीन पर लागू करने की होगी बड़ी चुनौती
सरकार के फैसले के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करना होगी। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों पर नियमों का पालन हो। साथ ही समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी भी जरूरी होगी। यदि यह निर्णय प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो यह बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है।
नोट: सरकार द्वारा जारी विस्तृत दिशा-निर्देशों और अधिसूचना के बाद नियमों के क्रियान्वयन की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
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