अजय राय हाउस अरेस्ट, रामलला दर्शन से पहले पुलिस कार्रवाई

Report By: Kiran Prakash Singh

30 जून 2026: यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को रामलला दर्शन से पहले हाउस अरेस्ट किया गया। अयोध्या में पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत जारी।

Published Date: 30 जून 2026
Website: digitallivenews.com

अजय राय हाउस अरेस्ट, रामलला दर्शन से पहले पुलिस कार्रवाई से सियासत गरमाई

उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को पुलिस ने अयोध्या में हाउस अरेस्ट कर लिया। वे राम मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए जाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उन्हें देर रात नजरबंद कर लिया गया। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है।

अयोध्या पहुंचने के बाद देर रात हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार अजय राय सोमवार को अयोध्या पहुंचे थे और राय कनीगंज स्थित पद्मश्री पैलेस में ठहरे हुए थे। मंगलवार को उनके नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन के लिए जाने वाला था। लेकिन सोमवार देर रात करीब 11:40 बजे पुलिस ने उन्हें वहां से लेकर अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में नजरबंद कर दिया। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं में नाराजगी देखी गई।

कांग्रेस ने लगाया सरकार पर गंभीर आरोप

कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक कदम बताते हुए भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने कहा कि रामलला के दर्शन जैसे धार्मिक कार्यक्रम को रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। कांग्रेस का कहना है कि अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन के लिए जा रहा था, लेकिन सरकार ने डर के कारण उन्हें रोक दिया।

प्रदेश भर में कांग्रेस नेताओं की नजरबंदी का दावा

कांग्रेस की ओर से यह भी दावा किया गया कि केवल अजय राय ही नहीं, बल्कि प्रतापगढ़ के जिला अध्यक्ष नीरज कुमार सहित कई नेताओं को भी नजरबंद किया गया है। पार्टी का कहना है कि नेताओं को बिना स्पष्ट कारण के रोका गया है। वहीं प्रशासन की ओर से फिलहाल इस पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कई बड़े नेता शामिल

अयोध्या जाने वाले कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख नेता शामिल थे, जिनमें सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। इस दल में किशोरी लाल शर्मा, तनुज पुनिया, राकेश राठौर, उज्ज्वल रमण सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल बताए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह पूरा कार्यक्रम धार्मिक और शांतिपूर्ण था।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा तनाव

इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है, जबकि सरकार की ओर से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। वहीं अजय राय की पत्नी रीना राय ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनके पति की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल अयोध्या में पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत जारी है और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। इस मामले के आगे बढ़ने के साथ प्रदेश की सियासत और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Source: digitallivenews.com

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