
Report By: Kiran Prakash Singh
🌸 ईशा छाबड़ा की ‘गुलिस्तान चले’ म्यूजिक वीडियो में ए.आर. रहमान का जादू
ईशा छाबड़ा की ‘गुलिस्तान चले’ म्यूजिक वीडियो में ए.आर. रहमान ने संगीत, गायन और बोल दिए। यह वीडियो सिनेमाई अनुभव और भावनात्मक यात्रा है।
मुंबई (digitallivenews)।
युवा फिल्ममेकर ईशा छाबड़ा ने अपने नए प्रोजेक्ट ‘गुलिस्तान चले’ म्यूजिक वीडियो के जरिए एक यादगार शुरुआत की है। खास बात यह है कि इसे संगीत के महानायक ए.आर. रहमान ने न सिर्फ कंपोज किया है, बल्कि अपने स्वर और बोलों से इसे और भी खास बना दिया है।
🎵 एक सिनेमाई अनुभव
‘गुलिस्तान चले’ को ग्लोबल ग्लो फिल्म्स के यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ किया गया है और यह दर्शकों से अपनी भावनात्मक गहराई, संवेदनशीलता और विज़ुअल सुंदरता के लिए सराहना पा रहा है।
म्यूजिक वीडियो की सबसे बड़ी खूबी इसकी कलात्मक परिपक्वता और दृश्य कविता जैसी प्रस्तुति है, जो इसे एक साधारण गीत नहीं बल्कि एक सिनेमाई अनुभव बना देती है।
🎬 निर्देशन और अभिनय में ईशा का डबल टैलेंट
ईशा ने इस प्रोजेक्ट में निर्देशन और अभिनय दोनों किया है। उनके निर्देशन में हर फ्रेम में सौंदर्यबोध और भावनाओं की गहराई साफ झलकती है।
रहमान के संगीत ने इस दृश्य सौंदर्य को आत्मा प्रदान की है, जिससे दर्शक हर दृश्य के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं।
🌍 कला की कोई सीमा नहीं
ईशा की कहानी कहने की शैली में अंतरराष्ट्रीय फिल्म शिक्षा और भारतीय संवेदनशीलता का अनूठा संगम दिखाई देता है।
उन्होंने इस प्रोजेक्ट के माध्यम से यह साबित किया कि भावनाएँ ही वह भाषा हैं जो वैश्विक स्तर पर सबसे गहराई से जुड़ती हैं।
💡 प्रेरणा और अनुभव
ईशा छाबड़ा के अनुसार, यह प्रोजेक्ट उनके भीतर की उस इच्छा से जन्मा, जिसमें वह शब्दों के बजाय भावनाओं के ज़रिए कहानियाँ कहना चाहती थीं।
कैमरे के सामने और पीछे दोनों जगह काम करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण लेकिन सुखद अनुभव रहा। ए.आर. रहमान के मार्गदर्शन ने हर फ्रेम में जीवन भर दिया।
निष्कर्ष:
‘गुलिस्तान चले’ केवल एक म्यूजिक वीडियो नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा और जीवंत सिनेमाई कविता है, जहां दृश्य, संगीत और एहसास एक साथ मिलकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।