
Report By: Kiran Prakash Singh
दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने अप्रैल-जून 2026 में शराब से 1,038 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। पिछले वर्ष की तुलना में यह 17% अधिक है।
Date: 26 June 2026
Website: digitallivenews.com
दिल्ली सरकार की शराब से कमाई में बड़ा उछाल, पहली तिमाही में 1,038 करोड़ रुपये का राजस्व
दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) में शराब पर लगने वाले टैक्स से 1,038 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 17 प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे सरकारी दुकानों पर अधिक ब्रांड्स की उपलब्धता, नई आबकारी नीति में स्थिरता और उपभोक्ताओं के लिए बेहतर विकल्प प्रमुख कारण रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि मौजूदा वित्त वर्ष में आबकारी राजस्व का निर्धारित लक्ष्य भी हासिल किया जा सकेगा।
पहली तिमाही में 17 प्रतिशत बढ़ा राजस्व
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के बीच विभाग ने लगभग 1,038 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 885 करोड़ रुपये था। इस प्रकार विभाग को साल-दर-साल लगभग 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। विभाग का कहना है कि लगातार बढ़ते राजस्व से सरकारी आय में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।
इस साल कितना है सरकार का लक्ष्य?
दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग से 7,200 करोड़ रुपये के कुल राजस्व संग्रह का लक्ष्य तय किया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग ने करीब 7,148 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था। अधिकारियों का मानना है कि यदि मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य को हासिल करना संभव होगा।
कैसे बढ़ी शराब से होने वाली कमाई?
अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष आबकारी नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण कई कंपनियों ने अपने ब्रांड्स का पंजीकरण धीमा कर दिया था। लेकिन इस बार सरकार द्वारा मौजूदा नीति को एक और वर्ष के लिए जारी रखने के निर्णय के बाद बाजार में स्थिरता आई है। इसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने ब्रांड्स का पंजीकरण तेज कर दिया, जिससे सरकारी दुकानों पर शराब की उपलब्धता और विकल्प दोनों बढ़े हैं।
ग्राहकों को मिले अधिक विकल्प
दिल्ली सरकार का कहना है कि अब सरकारी दुकानों पर पहले की तुलना में कहीं अधिक ब्रांड उपलब्ध हैं। आंकड़ों के अनुसार, सरकारी शराब दुकानों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की हिस्सेदारी बढ़कर 54 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि पिछले वर्ष यह लगभग 24 प्रतिशत थी। पहले कई लोकप्रिय ब्रांड उपलब्ध न होने के कारण उपभोक्ता शराब खरीदने के लिए नोएडा और गुरुग्राम जैसे पड़ोसी शहरों का रुख करते थे। अब दिल्ली में ही अधिक विकल्प मिलने से इस प्रवृत्ति में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आधुनिक स्टोर्स से भी मिला फायदा
दिल्ली की चार सरकारी एजेंसियां—DSSIDC, DTTDC, DSCSC और DCCWS—ने हाल के महीनों में कई आधुनिक वॉक-इन शराब स्टोर्स शुरू किए हैं। इन स्टोर्स में ग्राहकों को प्रीमियम और लोकप्रिय ब्रांड्स एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर खरीदारी अनुभव, अधिक ब्रांड्स की उपलब्धता और नीति में स्थिरता के कारण आबकारी राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आने वाले महीनों में यदि यही रुझान जारी रहता है, तो दिल्ली सरकार के लिए आबकारी विभाग राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना रहेगा और वार्षिक लक्ष्य हासिल करने की संभावना भी मजबूत होगी।