45 डिग्री गर्मी और सूखते जलाशयों से बढ़ा संकट

Report by: Kiran Prakash Singh

देश में भीषण गर्मी और घटते जलाशयों ने चिंता बढ़ाई। अगले एक हफ्ते में तापमान 45 डिग्री पार और हीट इंडेक्स 50 तक पहुंच सकता है।

DigitalLiveNews.com

दिनांक: 19 मई 2026

भीषण गर्मी और सूखते जलाशय, देश पर बड़ा संकट

45 डिग्री तापमान में शरीर को लगेगा 50 डिग्री का झटका

देशभर में इस समय लोग भीषण गर्मी और पानी के संकट की दोहरी मार झेल रहे हैं। मौसम विभाग और केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। अगले एक हफ्ते में उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है, जबकि शरीर को महसूस होने वाली गर्मी यानी हीट इंडेक्स 50 डिग्री तक जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।


क्या होता है हीट इंडेक्स, क्यों बढ़ रहा खतरा?

दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में तापमान 43 से 44 डिग्री के बीच बना हुआ है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण लोगों को गर्मी 48 से 50 डिग्री जैसी महसूस हो रही है। इसे ही हीट इंडेक्स कहा जाता है।

जब तापमान अधिक हो और हवा में नमी ज्यादा हो, तो शरीर का पसीना जल्दी सूख नहीं पाता। इससे शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकलती और इंसान को ज्यादा झुलसाने वाली गर्मी महसूस होती है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोतरी की संभावना जताई है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।


जलाशयों में तेजी से घट रहा पानी

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देश के 166 प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडारण घटकर केवल 34.45 प्रतिशत रह गया है। अप्रैल के अंत में यह आंकड़ा 38.72 प्रतिशत था। यानी सिर्फ दो हफ्तों में अरबों घन मीटर पानी कम हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक 13 बड़े जलाशयों में पानी का स्तर आधे से भी नीचे पहुंच चुका है। कुछ बांध लगभग सूखने की स्थिति में हैं। गंगा बेसिन में जल भंडारण 43.34 प्रतिशत, गोदावरी में 36.52 प्रतिशत और नर्मदा में 34.96 प्रतिशत रह गया है। सबसे खराब स्थिति कृष्णा बेसिन की बताई जा रही है, जहां सिर्फ 19.31 प्रतिशत पानी बचा है।


अल-नीनो और कमजोर मानसून ने बढ़ाई चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल अल-नीनो का असर भारतीय मानसून को कमजोर कर सकता है। अल-नीनो प्रशांत महासागर के गर्म होने की वह स्थिति है, जिसका सीधा असर भारत की बारिश पर पड़ता है।

अगर मानसून समय पर नहीं पहुंचा या पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो जल संकट और गंभीर हो सकता है। कई राज्यों में पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन पर भारी दबाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने मई के आखिर तक हालात और खराब होने की चेतावनी दी है।


सरकार ने जारी की एडवाइजरी, सावधानी जरूरी

बढ़ती गर्मी और लू को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत DGHS ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, ORS और इलेक्ट्रोलाइट लेने, हल्के सूती कपड़े पहनने और दोपहर में धूप से बचने की सलाह दी गई है।

बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, दिल के मरीजों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है, लेकिन उत्तर भारत में फिलहाल राहत के आसार कम दिखाई दे रहे हैं।

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