
Report By: Kiran Prakash Singh
राहुल गांधी से जुड़े सेना के कथित अपमान मामले में गौरव भाटिया ने जल्द सुनवाई की मांग की। CJI सूर्य कांत ने कहा कि प्रक्रिया के तहत आवेदन दें।
Digital Live News | 9 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
————————————————————————————————————————————————————————————-
राहुल गांधी मामले में गौरव भाटिया की दलील, CJI सूर्य कांत ने दिया जवाब
कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े सेना के कथित अपमान के मामले में सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग की गई। शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने अदालत के सामने मामले की सुनवाई लंबे समय से नहीं होने का मुद्दा उठाया। इस पर चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि अदालत के लिए यह मायने नहीं रखता कि मामला किस व्यक्ति से जुड़ा है और सुनवाई के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
मामला राहुल गांधी के वर्ष 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान से संबंधित है। इसी बयान को लेकर लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत में शिकायत दाखिल की गई थी।
गौरव भाटिया ने रजिस्ट्री पर उठाया सवाल
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने कहा कि मामले को लंबे समय से सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की मांग की।
भाटिया ने दलील देते हुए कहा कि राहुल गांधी कोई ऐसे महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं हैं कि रजिस्ट्री मामले को महीनों तक सूचीबद्ध न करे। इस पर चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने स्पष्ट किया कि अदालत इस आधार पर अंतर नहीं करती कि मामला किस व्यक्ति का है।
CJI सूर्य कांत ने प्रक्रिया का पालन करने को कहा
गौरव भाटिया की दलील के जवाब में CJI सूर्य कांत ने कहा कि अदालत को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मामला किस व्यक्ति से संबंधित है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्ष को प्रक्रिया के अनुसार आवेदन दाखिल करना चाहिए और उसके बाद मामले की सुनवाई की जाएगी।
अदालत की ओर से शिकायतकर्ता से इस संबंध में आवेदन दाखिल करने को कहा गया है। इस तरह फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने प्रक्रिया के जरिए सुनवाई आगे बढ़ाने का रास्ता बताया है।
क्या है राहुल गांधी से जुड़ा पूरा मामला?
यह मामला 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर राहुल गांधी के एक बयान से जुड़ा है। राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि चीनी सैनिक भारतीय सैनिकों को पीट रहे हैं।
बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने इस बयान को लेकर लखनऊ की एमपी-एमएलए अदालत में शिकायत दाखिल की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस बयान से भारतीय सेना और सैनिकों का अपमान हुआ।
शिकायत के मुताबिक, 12 दिसंबर 2022 को भारतीय सेना की ओर से चीन की सेना की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके कुछ दिन बाद राहुल गांधी ने बयान दिया, जिसे शिकायतकर्ता ने आपत्तिजनक बताया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट भी कर चुका है टिप्पणी
राहुल गांधी ने इस मामले में लखनऊ की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी कुछ सीमाएं होती हैं। अदालत के अनुसार, सेना का सम्मान करने वाला व्यक्ति ऐसे बयान से आहत महसूस कर सकता है। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में जताई थी नाराजगी
अगस्त 2025 में मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर सवाल उठाए थे। अदालत ने यह भी पूछा था कि राहुल गांधी को कैसे पता चला कि चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा किया है और उनके पास इस दावे का क्या आधार था।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने उस समय राहुल गांधी को अंतरिम राहत देते हुए लखनऊ की निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। साथ ही शिकायतकर्ता और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया गया था।
इसके बाद से मामले में कोई प्रभावी सुनवाई नहीं होने की बात शिकायतकर्ता की ओर से कही गई। अब सुप्रीम कोर्ट में हुई ताजा सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रक्रिया के तहत आवेदन दाखिल करने को कहा है। आगे मामले की सुनवाई कब और किस आधार पर होती है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
Digital Live News | 9 सितंबर 2026
digitallivenews.com