
Report By: Kiran Prakash Singh
रामपुर में गांधी समाधि के पास अब्दुल्ला आजम की जमीन को लेकर ED जांच की चर्चा तेज है। जमीन खरीद, स्टांप चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर सवाल उठे।
Digital Live News | 9 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
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गांधी समाधि के पास अब्दुल्ला आजम की जमीन पर ED की नजर? जांच की चर्चा से बढ़ी हलचल
गांधी समाधि के पास जमीन को लेकर फिर उठे सवाल
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से जुड़े जौहर विश्वविद्यालय मामले के बाद अब उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की रामपुर में स्थित एक बेशकीमती जमीन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि गांधी समाधि के पास करीब 10 हजार गज जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की हालिया कार्रवाई के दौरान सामने आए हो सकते हैं। हालांकि, इस जमीन को लेकर ED की ओर से अलग से किसी कार्रवाई या आरोप की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
2022 में तीन चरणों में हुई जमीन की रजिस्ट्री
मिली जानकारी के मुताबिक, अब्दुल्ला आजम के नाम इस जमीन की रजिस्ट्री वर्ष 2022 में तीन चरणों में हुई थी। 21 फरवरी 2022 को 0.9110 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। इसके बाद 4 अप्रैल और 8 अप्रैल 2022 को 0.304-0.304 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री हुई।
बताया जाता है कि उस समय आजम खान जेल में थे और जमीन उनके करीबी बताए जाने वाले अनवार और सालिम से खरीदी गई थी। जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर स्थानीय स्तर पर उस समय भी सवाल उठाए गए थे। शिकायतों के बाद प्रशासनिक जांच में जमीन को कोसी नदी के डूब क्षेत्र में बताया गया था।
धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज हुई थी FIR
जमीन की खरीद और रजिस्ट्री से जुड़े मामले में लेखपाल संजय गंगवार की ओर से 19 जनवरी 2024 को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसमें अब्दुल्ला आजम, अनवार, सालिम और अब्दुल्ला परवेज के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी।
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने प्रशासन से शिकायत करते हुए सरकारी जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने का आरोप लगाया था। इन आरोपों और प्रशासनिक जांच के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में पहुंचा।
A&S Enterprises पर ED की छापेमारी का कनेक्शन?
बताया गया है कि 19 अगस्त को ED ने जौहर विश्वविद्यालय के साथ शौकत रोड स्थित A&S Enterprises पर भी छापेमारी की थी। यह फर्म अनवार और सालिम के नाम से संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि ED की टीम ने तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इनमें गांधी समाधि के पास स्थित जमीन की खरीद-फरोख्त और उसकी रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज भी शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इन दस्तावेजों को लेकर ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है।
स्टांप चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
यह जमीन बेहद बेशकीमती बताई जा रही है। स्थानीय बाजार भाव के अनुसार इसकी कीमत करीब एक लाख रुपये प्रति गज तक बताई गई है। जमीन की खरीद में स्टांप चोरी के आरोप भी लगाए गए थे। इसके बाद प्रशासन की ओर से एक करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी सामने आई थी।
अब जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और अन्य दस्तावेजों को लेकर ED की जांच की चर्चा ने इस मामले को दोबारा सुर्खियों में ला दिया है। कथित तौर पर काले धन के इस्तेमाल की आशंका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल अब्दुल्ला आजम समेत मामले में नामजद सभी आरोपी जमानत पर बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, ED की ओर से इस जमीन को लेकर अलग से कोई कार्रवाई या आरोप आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में आगे की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और आधिकारिक एजेंसी के बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन का मामला ED की जांच में किस स्तर तक जुड़ता है।
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