
Report By: Kiran Prakash Singh
आगरा में असगर अली मौत मामले में हत्या की आशंका गहराई। पुलिस CCTV, मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों की भूमिका की जांच में जुटी।
असगर अली मौत मामला: हादसा या साजिश? हत्या एंगल पर तेज हुई जांच
आगरा | 09 मई 2026 | digitallivenews.com
आगरा में चर्चित असगर अली मौत मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शुरुआत में सड़क हादसा माना जा रहा यह मामला अब हत्या की साजिश के एंगल से जांच के घेरे में आ गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में मिले कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के बाद अब केस को हत्या की धाराओं में बदलने की तैयारी चल रही है।
असगर अली की मौत के बाद परिजनों ने शुरू से ही इसे सामान्य सड़क दुर्घटना मानने से इनकार किया था। परिजनों का आरोप था कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि योजनाबद्ध तरीके से की गई साजिश है। अब पुलिस जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
सड़क हादसे से हत्या की जांच तक पहुंचा मामला
शुरुआती जांच में मामला सड़क दुर्घटना का बताया गया था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस को नए सुराग मिलते गए, जांच की दिशा बदलती चली गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं कार से टक्कर जानबूझकर तो नहीं मारी गई थी।
सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और कुछ संदिग्ध परिस्थितियों ने पुलिस को हत्या की आशंका की ओर बढ़ने पर मजबूर किया है। यही वजह है कि अब मुकदमे में हत्या की धाराएं जोड़ने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
रवि यादव और प्रेम नारायण पर बढ़ा शक
जांच के दौरान दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं— रवि यादव और प्रेम नारायण। पुलिस दोनों की भूमिका को लेकर गहन जांच कर रही है और उनके खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि दोनों आरोपियों की गतिविधियां घटना से पहले और बाद में संदिग्ध पाई गई हैं। हालांकि पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक तौर पर किसी को आरोपी घोषित नहीं किया गया है, लेकिन पूछताछ और तकनीकी जांच लगातार जारी है।
कामरान वारिसी की भूमिका भी जांच के घेरे में
इस हाईप्रोफाइल मामले में कामरान वारिसी का नाम भी जांच के दायरे में आया है। पुलिस कई कड़ियों को जोड़ते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पुराने संबंधों, आपसी विवाद और हालिया घटनाओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है। तकनीकी टीम मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।
CCTV और मोबाइल लोकेशन से मिले अहम सुराग
मामले की जांच में CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन अहम भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस घटनास्थल और उसके आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
इसके अलावा संदिग्ध लोगों की मोबाइल लोकेशन भी जांची जा रही है। सूत्रों का कहना है कि कुछ ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं, जिन्होंने पुलिस को हत्या की आशंका की दिशा में जांच बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
हाईप्रोफाइल एंगल से बढ़ी चर्चा
मामले में एक GST अधिकारी का नाम सामने आने के बाद यह केस और ज्यादा चर्चित हो गया है। शहरभर में इस केस को लेकर चर्चाएं तेज हैं और लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर असगर अली की मौत हादसा थी या सुनियोजित हत्या।
इधर, रवि यादव के प्रयागराज पहुंचने और कोर्ट की शरण लेने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही बड़ा खुलासा हो सकता है।