
Report By: Kiran Prakash Singh
भगवान श्रीकृष्ण पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी को लेकर विवाद के बीच अनिरुद्धाचार्य ने उनका बचाव किया है। उन्होंने कहा कि टिप्पणी अपमान की भावना से नहीं, बल्कि विनोद भाव में की गई थी।
आज की तारीख: 5 नवंबर 2026
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धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में अनिरुद्धाचार्य, बोले- राम और कृष्ण एक ही हैं
डिजिटल लाइव ब्यूरो। कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद के बीच अब मथुरा के आध्यात्मिक संत अनिरुद्धाचार्य उनके समर्थन में सामने आए हैं। अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने यह बात भगवान का अपमान करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि विनोद भाव में कही थी।
उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण को एक बताते हुए कहा कि दोनों ने अलग-अलग युगों में अपनी लीलाएं रचीं। उनके मुताबिक, भक्तों के बीच अपने आराध्य को लेकर इस तरह की विनोदपूर्ण बातें होती रहती हैं।
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी का किया बचाव
अनिरुद्धाचार्य ने कथा के दौरान कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी को गलत अर्थ में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मंशा भगवान राम और श्रीकृष्ण को अलग-अलग बताने की नहीं थी।
अनिरुद्धाचार्य के अनुसार, यह प्रसंग भक्तों के बीच होने वाले सहज विनोद जैसा था। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण दोनों एक ही हैं और उनके स्वरूप में भेद नहीं किया जाना चाहिए।
राम और कृष्ण को लेकर भक्तों के बीच विनोद का उदाहरण
अनिरुद्धाचार्य ने अयोध्या और वृंदावन के भक्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या के लोग अपने आराध्य भगवान राम को सीधे-सादे बताते हैं, जबकि वृंदावन के भक्त भगवान श्रीकृष्ण को टेढ़े और बांसुरी वाले कहकर संबोधित करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह भक्तों का अपने आराध्य के प्रति प्रेम और विनोद भाव है। इसी तरह धीरेंद्र शास्त्री ने भी कथा के दौरान यह बात कही थी। इसे भगवान के अपमान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
29 अक्टूबर को शिवपुरी में दिया था बयान
दरअसल, 29 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए श्रीकृष्ण के लिए ‘टेढ़े’ जैसी संज्ञा का इस्तेमाल किया था।
इस टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों और कई संतों ने नाराजगी जताई। मथुरा-वृंदावन के साथ अयोध्या के संतों ने भी दोनों भगवानों की तुलना किए जाने पर आपत्ति जताई।
अखिलेश यादव ने भी उठाया था मुद्दा
विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया था। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही कार्यक्रमों के बहिष्कार की अपील भी की गई थी।
इससे मामला धार्मिक और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया।
धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी थी माफी
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी सामने आकर अपनी बात स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि उनकी मंशा भगवान श्रीकृष्ण का अपमान करने की नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण एक ही हैं।
अब अनिरुद्धाचार्य के समर्थन में आने के बाद इस विवाद पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी को विनोद भाव में कही गई बात बताते हुए उनकी मंशा पर सवाल न उठाने की बात कही है।
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