CCI ने एप्पल को चेतावनी दी, जुर्माना हो सकता है 38 अरब डॉलर

Report By: Kiran Prakash Singh

भारत में एप्पल पर भारी जुर्माने का खतरा, CCI ने दी अंतिम चेतावनी

CCI ने एप्पल को भारत में प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के आरोप में अंतिम चेतावनी दी। जुर्माना 38 अरब डॉलर तक हो सकता है। मामला दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन।

मुंबई (Digitallivenews)। दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों में से एक एप्पल को भारत में प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण के आरोपों के चलते गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने कंपनी को अंतिम चेतावनी जारी की है और कहा है कि अगर एप्पल आवश्यक जानकारी और जवाब देने में सहयोग नहीं करती है, तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

आयोग का आरोप है कि एप्पल पिछले एक साल से अधिक समय से जांच में सहयोग नहीं कर रही है और आवश्यक दस्तावेजों एवं विवरणों की मांग को पूरा नहीं कर रही। यदि CCI कंपनी के ग्लोबल टर्नओवर के आधार पर जुर्माना तय करता है, तो एप्पल पर लगभग 38 अरब डॉलर (करीब 34.33 लाख करोड़ रुपए) का जुर्माना लग सकता है। यह जुर्माना भारतीय प्रतिस्पर्धा कानून के तहत सबसे बड़े मामलों में से एक माना जा रहा है।

एप्पल ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वह किसी भी तरह का प्रतिस्पर्धा-विरोधी या बाजार का दुरुपयोग नहीं कर रही। मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही है। कोर्ट में एप्पल ने जांच पर रोक लगाने की कोशिश की थी, लेकिन CCI ने इसे खारिज कर दिया।

मामला तब शुरू हुआ जब 2024 में जांच एजेंसियों ने रिपोर्ट जारी की, जिसमें एप्पल पर iOS ऐप बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग करने और प्रतिस्पर्धा-विरोधी आचरण करने का आरोप लगाया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी ने ऐप डेवलपर्स और अन्य प्रतिस्पर्धियों के लिए शर्तें इतनी सख्त रखी हैं कि यह भारतीय बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करती है।

इसके बाद अक्टूबर 2024 में CCI ने एप्पल से कहा कि वह जांच के निष्कर्षों पर आपत्तियां दर्ज करें और वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराएं। हालांकि, एप्पल ने आवश्यक विवरण नहीं दिए, जिससे आयोग ने उन्हें अंतिम चेतावनी दी है। CCI का कहना है कि अगर कंपनी जल्द ही सहयोग नहीं करती है, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा, जो न केवल आर्थिक रूप से बल्कि कंपनी की प्रतिष्ठा के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा कानून के तहत ऐतिहासिक हो सकता है। अगर जुर्माना तय होता है, तो यह किसी भी विदेशी तकनीकी कंपनी के लिए भारत में कारोबार करते समय नियमों का पालन करने के महत्व को दिखाएगा।

भारत में ऐप मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और iOS उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में एप्पल की भूमिका और उसकी नीतियां सीधे डेवलपर्स और उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर सकती हैं। CCI का उद्देश्य बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।

एप्पल ने मीडिया को बयान में कहा है कि कंपनी भारतीय बाजार में निवेश जारी रखेगी और सभी नियमों का पालन करती रहेगी। हालांकि, इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत में तकनीकी कंपनियों को स्थानीय कानूनों और प्रतिस्पर्धा नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का नतीजा न केवल एप्पल बल्कि भारत में सभी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के लिए एक संदेश होगा कि किसी भी प्रकार का प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जुर्माना लगाया गया, तो यह CCI के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और गंभीर मामला बन सकता है।

इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि भारत का प्रतिस्पर्धा कानून वैश्विक कंपनियों के लिए कड़ा और प्रभावशाली है। एप्पल की अगली चाल और CCI की आगामी कार्रवाई पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं।

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