उपराष्ट्रपति चुनाव कल: राधाकृष्णन बनाम रेड्डी

Report By: Kiran Prakash Singh

उपराष्ट्रपति चुनाव कल: राधाकृष्णन और रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला, एनडीए को बढ़त

नई दिल्ली (DigitalLiveNews)। देश के अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव कल मंगलवार, 9 सितंबर को होगा। संसद भवन स्थित कमरा संख्या एफ-101 (वसुधा) में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। निर्वाचन अधिकारी एवं राज्यसभा के महासचिव पी.सी. मोदी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन शाम 6 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम तुरंत घोषित किए जाएंगे।

उपराष्ट्रपति पद के लिए इस बार एनडीए उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन और विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से आते हैं — राधाकृष्णन तमिलनाडु से और रेड्डी तेलंगाना से। यह चुनाव न सिर्फ संख्याबल की परीक्षा है, बल्कि सियासी गठबंधनों की एकजुटता और वैचारिक लड़ाई का प्रतीक भी बन गया है।

मतदान प्रक्रिया और पात्रता

राज्यसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — के निर्वाचित और मनोनीत सदस्य शामिल होते हैं। यानी राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी इस चुनाव में भाग लेने के पात्र हैं।

सियासी समीकरण और समर्थन की स्थिति

उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियाँ स्पष्ट करनी शुरू कर दी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एनडीए उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन को फिलहाल 439 सांसदों का समर्थन प्राप्त है, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 324 सांसदों का समर्थन हासिल है। यह संख्याबल एनडीए को स्पष्ट बढ़त दिला रहा है।

वहीं, बीजू जनता दल (बीजेडी) और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) जैसे तटस्थ दलों ने अभी तक अपने रुख की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों दल फिलहाल किसी गठबंधन के पक्ष में मतदान न करने का मन बना रहे हैं और संभवतः मतदान से दूर रह सकते हैं।

वायएसआर कांग्रेस का रुख और विपक्ष को झटका

एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम तब सामने आया जब आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने विपक्ष के तेलंगाना निवासी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी का समर्थन न करके एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन के पक्ष में मतदान करने का ऐलान किया। पार्टी के सांसद अयोध्या रामी रेड्डी ने इसकी पुष्टि की। यह INDIA गठबंधन के लिए एक अहम झटका माना जा रहा है, क्योंकि YSRCP किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं है, लेकिन फिर भी विपक्ष के दक्षिण भारतीय उम्मीदवार के बजाय एनडीए का समर्थन कर रही है।

हालांकि, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बी. सुदर्शन रेड्डी को समर्थन देने की बात कही है। यह समर्थन दक्षिण भारत में विपक्ष की पकड़ को कुछ हद तक मजबूत करता है, लेकिन मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से स्थिति एनडीए के पक्ष में अधिक दिखाई दे रही है।

विपक्ष की वैचारिक लड़ाई बनाम एनडीए की संख्याबल की ताकत

विपक्ष इस चुनाव को वैचारिक लड़ाई करार दे रहा है, जहां संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतंत्र की रक्षा को मुख्य मुद्दा बताया जा रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ एनडीए ने अपने उम्मीदवार को अनुभवी, स्वच्छ छवि वाला और दक्षिण भारत से आने वाला चेहरा बताया है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन बना रहे।

निष्कर्ष

उपराष्ट्रपति चुनाव का यह मुकाबला कई मायनों में खास है। दोनों उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि, राजनीतिक और वैचारिक समर्थन तथा दलों की रणनीति इस चुनाव को रोचक बना रही है। हालांकि संख्याबल फिलहाल एनडीए के पक्ष में है, लेकिन तटस्थ दलों का अंतिम रुख और विपक्ष की एकजुटता किस हद तक असर डालेगी — इसका फैसला कल मतदान और परिणाम के बाद ही होगा।

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