अराँव ब्लॉक में सचिव गायब, पंचायत कार्य पूरी तरह ठप

Report By: Kiran Prakash Singh

फिरोजाबाद के अराँव ब्लॉक में छह माह से सचिव अनुपस्थित हैं। पंचायत कार्य, मनरेगा भुगतान और गोशालाओं की व्यवस्था प्रभावित हुई।

अराँव ब्लॉक में सचिव गायब, पंचायत कार्य हुए ठप

छह महीने से अनुपस्थित सचिव पर बढ़ा विवाद

Firozabad के अराँव ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में पिछले करीब छह महीनों से सचिव के अनुपस्थित रहने का मामला अब बड़ा प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है। सचिव की गैरमौजूदगी के कारण पंचायतों के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे गांवों की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।

विकास कार्यों की रफ्तार पर लगा ब्रेक

सचिव की अनुपस्थिति का सबसे बड़ा असर पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों पर पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक कई योजनाओं की फाइलें लंबित पड़ी हैं और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो पा रही हैं। पंचायत स्तर पर सड़क, सफाई, जल निकासी और अन्य विकास कार्यों की रफ्तार लगभग थम गई है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि सचिव के बिना सरकारी योजनाओं से जुड़े दस्तावेज और स्वीकृतियां पूरी नहीं हो पा रहीं, जिससे काम अधर में लटक गए हैं।

मनरेगा भुगतान और प्रमाण पत्र अटके

गांवों में मनरेगा मजदूरों के भुगतान भी प्रभावित हो रहे हैं। कई मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। इसके अलावा निवास, आय और अन्य पंचायत स्तर के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रभावित बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे कामों के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पंचायत कार्यालयों में जरूरी फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

गोशालाओं में चारे का संकट गहराया

अराँव ब्लॉक की गोशालाओं में भी सचिव की अनुपस्थिति का असर साफ दिखाई दे रहा है। आरोप है कि समय पर चारे की व्यवस्था नहीं हो पाने से पशुओं के सामने संकट खड़ा हो गया है। कई गोशालाओं में पर्याप्त चारा नहीं पहुंच पा रहा, जिससे पशुओं की देखभाल प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों और प्रधानों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है ताकि गोवंशों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रधानों ने प्रशासन को भेजा शिकायत पत्र

स्थिति से परेशान ग्राम प्रधानों ने बीडीओ और जिला प्रशासन को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। प्रधानों का कहना है कि पंचायतों की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो चुकी है और यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो विकास योजनाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी। उन्होंने अनुपस्थित सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और तत्काल किसी वैकल्पिक सचिव की नियुक्ति की मांग उठाई है।

ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश

लगातार बढ़ती समस्याओं के कारण ग्रामीणों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि पंचायत स्तर की व्यवस्थाएं कमजोर होने से आम जनता को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, लेकिन ग्रामीण जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं।

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