राजा भैया के भाई अक्षय प्रताप सिंह पर FIR के आदेश

Report By: Kiran Prakash Singh

एमपी-एमएलए कोर्ट ने राजा भैया के भाई अक्षय प्रताप सिंह पर धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में FIR दर्ज करने के आदेश दिए।

राजा भैया के भाई अक्षय प्रताप सिंह पर FIR के आदेश

एमपी-एमएलए कोर्ट का बड़ा फैसला

Lucknow की एमपी-एमएलए कोर्ट ने Akshay Pratap Singh के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा की अदालत ने दिया। मामला Raghuraj Pratap Singh की पत्नी Bhanvi Singh की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई के बाद सामने आया है। अदालत ने हजरतगंज इंस्पेक्टर को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोप

भानवी सिंह की ओर से कोर्ट में दी गई अर्जी में आरोप लगाया गया कि अक्षय प्रताप सिंह और उनके सहयोगियों ने कथित रूप से धोखाधड़ी और जालसाजी के जरिए साझेदारी फर्म की संपत्तियों को हड़पने की कोशिश की। अर्जी में कहा गया कि फर्म के दस्तावेजों में हेरफेर कर फर्जी कागजात तैयार किए गए और उनके नकली हस्ताक्षर भी किए गए।

2014 में बनाई गई थी साझेदारी फर्म

कोर्ट में पेश दस्तावेजों के अनुसार, 10 फरवरी 2014 को भानवी सिंह, अक्षय प्रताप सिंह और अन्य लोगों ने मिलकर एक साझेदारी फर्म का पंजीकरण कराया था। इस फर्म में करोड़ों रुपये का निवेश किया गया था। आरोप है कि फर्म के नाम पर कई कीमती चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं, जिनकी वर्तमान बाजार कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप

अर्जी में दावा किया गया कि वर्ष 2020 में फर्म की संपत्तियों पर कब्जा करने की नीयत से पंजीकरण अभिलेखों में बदलाव किया गया। आरोप है कि 15 नवंबर 2020 को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और भानवी सिंह के जाली हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा फर्म का पंजीकृत पता भी बदलकर अक्षय प्रताप सिंह के लखनऊ स्थित निजी आवास का कर दिया गया।

कोर्ट ने जांच के दिए आदेश

विशेष एसीजेएम आलोक वर्मा ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और विस्तृत विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। अब हजरतगंज पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल

इस मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजा भैया और उनके परिवार का प्रदेश की राजनीति में बड़ा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश ने राजनीतिक चर्चाओं को और गर्म कर दिया है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

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