
Report By: Kiran Prakash Singh
मुहर्रम को लेकर प्रतापगढ़ में प्रशासन अलर्ट। राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट किया गया, भारी पुलिस बल तैनात।
Date: 25 June 2026
Website: DigitalLiveNews.com
मुहर्रम से पहले प्रशासन सख्त, राजा भैया के पिता समेत 13 लोग हाउस अरेस्ट
प्रतापगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में मुहर्रम के मद्देनजर प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। कुंडा क्षेत्र से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई संभावित तनाव और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की है।
गुरुवार सुबह भारी संख्या में पुलिस बल भदरी किले के मुख्य द्वार पर पहुंचा और वहां आधिकारिक नोटिस चस्पा किया गया। इसके बाद संबंधित लोगों को निर्धारित अवधि तक अपने आवास से बाहर न निकलने के निर्देश दिए गए। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
भदरी किले पर तैनात किया गया भारी पुलिस बल
प्रशासनिक आदेश के बाद भदरी किले के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ अतिरिक्त बल भी लगाया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना है।
नोटिस के अनुसार उदय प्रताप सिंह और अन्य संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित समय तक अपने आवास में ही रहने को कहा गया है। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।
हर वर्ष मुहर्रम पर की जाती है विशेष निगरानी
प्रतापगढ़ प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई कोई नई बात नहीं है। पिछले कई वर्षों से मुहर्रम के दौरान उदय प्रताप सिंह को एहतियातन नजरबंद किया जाता रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलती है।
मुहर्रम के दौरान ताजिया जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम बड़ी संख्या में आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में किसी भी संभावित विवाद या तनाव को रोकने के लिए प्रशासन पहले से ही आवश्यक कदम उठाता है। इसी रणनीति के तहत इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
2015 के विवाद के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि वर्ष 2015 से जुड़ी हुई है। उस समय शेखपुर आशिक गांव स्थित हनुमान मंदिर पर बंदर की मृत्यु की वार्षिकी और मुहर्रम जुलूस को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी।
उस घटना के बाद प्रशासन ने हर वर्ष मुहर्रम के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्णय लिया। अधिकारियों का मानना है कि पूर्व में हुए विवादों को देखते हुए एहतियाती कदम उठाना आवश्यक है, ताकि किसी प्रकार की सांप्रदायिक या सामाजिक तनाव की स्थिति न बने।
प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की
कुंडा उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आदेश पर की गई इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि मुहर्रम के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएंगे और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन कैमरों और अन्य तकनीकी साधनों की मदद से भी हालात पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान सभी समुदायों के सहयोग से ही शांति और सौहार्द कायम रखा जा सकता है। इसी उद्देश्य से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।