
Report By: Kiran Prakash Singh
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में गोल्डन आई मॉल के पास कमर्शियल टावर की 9वीं मंजिल पर आग लगी। दमकल ने आधे घंटे में काबू पाया, कोई हताहत नहीं।
Date: 25 June 2026
Website: DigitalLiveNews.com
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कमर्शियल टावर की 9वीं मंजिल पर लगी भीषण आग
गोल्डन आई मॉल के पास अचानक भड़की आग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित गोल्डन आई मॉल के पास एक कमर्शियल टावर की नौवीं मंजिल पर गुरुवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही इमारत से धुआं निकलने लगा, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति को संभालने की कोशिश की और टावर में लगे इंटरनल फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए आग पर शुरुआती नियंत्रण पाने का प्रयास किया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को तत्काल जानकारी दी गई। कुछ ही समय में फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का अभियान शुरू कर दिया।
दमकल की दो गाड़ियों ने आधे घंटे में पाया नियंत्रण
दमकल विभाग की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या फंसने की सूचना नहीं मिली।
आग लगने के समय इमारत में कुछ कर्मचारी और मजदूर मौजूद थे, लेकिन सभी को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया और आग अन्य मंजिलों तक नहीं फैल सकी।
अधूरी इमारत होने से टला बड़ा नुकसान
जानकारी के अनुसार जिस कमर्शियल टावर में आग लगी, वह अभी पूरी तरह से संचालित नहीं हुआ है। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर अभी भी निर्माण कार्य जारी है। इसी कारण ऊपरी मंजिलों पर लोगों की संख्या सीमित थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टावर पूरी तरह से चालू होता और बड़ी संख्या में लोग मौजूद होते, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लेने से जान-माल के बड़े नुकसान से बचाव हो गया।
फायर सेफ्टी सिस्टम और लापरवाही की होगी जांच
आग बुझाने के बाद दमकल विभाग ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह जांच की जाएगी कि टावर में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो भवन मालिक और संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
फायर अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। जांच टीम विद्युत प्रणाली और सुरक्षा उपकरणों की भी समीक्षा करेगी।
स्थानीय लोगों में दहशत, प्रशासन सतर्क
घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल देखने को मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के कुछ ही मिनटों में इमारत से घना धुआं निकलने लगा था, जिसे देखकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। कई स्थानीय नागरिकों ने फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर चिंता जताई और कहा कि व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और किसी तरह के खतरे की सूचना नहीं है।
यह घटना एक बार फिर व्यावसायिक और बहुमंजिला इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की अहमियत को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित सुरक्षा ऑडिट, फायर ड्रिल और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता ऐसी घटनाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकती है। प्रशासन ने भी सभी भवन संचालकों को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी है।