कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को फिर धमकी, ULC के नाम से संदेश

Report By: Kiran Prakash Singh

जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को ULC के नाम से कथित धमकी मिली है। ट्रांजिट कॉलोनियों को लेकर चिंता बढ़ी।

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कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को फिर धमकी, सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री पैकेज के तहत घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े बताए जा रहे संगठन यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) के नाम से एक नया धमकी संदेश सामने आया है।

बताया जा रहा है कि संदेश में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को अलग-अलग ट्रांजिट कॉलोनियों में रहने से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब प्रधानमंत्री पैकेज के तहत घाटी में काम कर रहे कर्मचारी सुरक्षित सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।

1. ट्रांजिट कॉलोनियों को लेकर दी गई चेतावनी

रिपोर्टों के अनुसार, ULC के नाम से सामने आए ताजा संदेश में उन कर्मचारियों को निशाना बनाया गया है, जो अलग ट्रांजिट कॉलोनियों में रहने की योजना बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री पैकेज के तहत घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारी लंबे समय से सुरक्षित आवास की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि नौकरी करने के साथ सुरक्षित तरीके से रहने की व्यवस्था भी जरूरी है।

सरकार की ओर से ऐसे कर्मचारियों के लिए अलग ट्रांजिट आवास तैयार किए गए हैं। हाल के दिनों में इन आवासों के जल्द आवंटन की मांग भी तेज हुई थी। इसी बीच सामने आई धमकी ने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

2. ULC के नाम से पहले भी सामने आए संदेश

यह पहली बार नहीं है जब ULC के नाम से धमकी सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों के दौरान इस नाम से कई पत्र और संदेश सामने आए हैं।

इससे पहले भी कर्मचारियों को कथित तौर पर नौकरी छोड़ने की चेतावनी दिए जाने और उनकी निजी जानकारी ऑनलाइन साझा किए जाने की खबरें सामने आई थीं।

11 सितंबर की रिपोर्टों में दावा किया गया कि ताजा पत्र में उन कर्मचारियों को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है, जो अलग ट्रांजिट कॉलोनियों में रहने की योजना बना रहे हैं। एक रिपोर्ट में इसे करीब 40 दिनों में सामने आई छठी धमकी बताया गया है।

हालांकि, इन संदेशों की वास्तविकता और इनके पीछे मौजूद लोगों की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

3. 1990 के दशक की घटनाओं से जुड़ी संवेदनशीलता

कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए घाटी में इस तरह की धमकियां बेहद संवेदनशील मानी जाती हैं। 1990 के दशक में आतंक और हिंसा के बीच बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़कर बाहर जाना पड़ा था।

इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण वर्तमान में सामने आने वाली किसी भी धमकी को लेकर समुदाय में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ जाती है।

हालिया रिपोर्टों में कुछ धमकी संदेशों में कर्मचारियों की निजी जानकारी सार्वजनिक किए जाने का दावा भी किया गया है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के सामने संभावित धमकी की जांच के साथ-साथ व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग को रोकने की चुनौती भी सामने आती है।

4. कर्मचारियों की सुरक्षित आवास की मांग

प्रधानमंत्री पैकेज के तहत काम कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि उन्हें सुरक्षित वातावरण में काम करने और रहने की सुविधा मिले।

कर्मचारियों का कहना है कि वे डर के कारण अपनी नौकरी और अधिकार नहीं छोड़ना चाहते। उनकी मांग है कि सरकार ऐसे स्थानों पर आवास उपलब्ध कराए जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों और वे बिना भय के अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

ट्रांजिट आवास को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांग के बीच नई धमकी सामने आने से इस मुद्दे को लेकर प्रशासन पर भी ध्यान बढ़ा है।

5. सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती

ताजा धमकी के बाद अब प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है। इसमें केवल आवास की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के कार्यस्थल और आने-जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।

सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि धमकी संदेश वास्तव में किसने जारी किए और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।

फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर मामले की जांच और धमकी की प्रामाणिकता का सत्यापन महत्वपूर्ण है। कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें ऐसा सुरक्षित माहौल मिले, जिसमें वे बिना किसी डर के घाटी में अपनी नौकरी जारी रख सकें। आने वाले दिनों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ होगा कि इस मामले में क्या तथ्य सामने आते हैं।

दिनांक: 12 सितंबर 2026
digitallivenews.com

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