
Report By: Kiran Prakash Singh
विवरण: जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ED आजम खान के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और जौहर ट्रस्ट में रकम भेजने के आरोपों की जांच जारी है।
आज की तारीख: 3 नवंबर 2026 | डिजिटल लाइव ब्यूरो
आजम खान की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, ED की चार्जशीट की तैयारी
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद आजम खान की मुश्किलें जौहर यूनिवर्सिटी मामले में और बढ़ सकती हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में उनके खिलाफ जल्द पहली चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रहा है। जांच एजेंसी सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और ठेकेदारों से रकम लेकर जौहर ट्रस्ट में भेजने के आरोपों की जांच कर रही है।
आजम खान की गिरफ्तारी के बाद ED ने अपनी जांच तेज कर दी है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और ठेकेदारों से प्राप्त रकम को जौहर ट्रस्ट की ओर भेजने से जुड़े अहम साक्ष्य सामने आए हैं।
CA और ठेकेदारों से ED ने की पूछताछ
जांच के दौरान ED ने आजम खान के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), करीबी ठेकेदारों और जौहर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों से पूछताछ की है। एजेंसी इन लोगों से मिली जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर कथित वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जांच एजेंसी चार्जशीट दाखिल करने से पहले आजम खान से दोबारा पूछताछ भी कर सकती है। इसके अलावा अगले सप्ताह कुछ अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की तैयारी है।
अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी संभावना
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ED की जांच का दायरा बढ़ सकता है। एजेंसी कुछ अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आने वाले दिनों में अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, अभी तक किसी नई गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ED की ओर से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
13 नवंबर को अदालत में होगी अगली पेशी
जौहर यूनिवर्सिटी मामले में आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। फिलहाल वह गाजियाबाद जिला जेल में बंद हैं। मामले में उनकी अगली पेशी 13 नवंबर को होनी है।
ED की जांच के मुख्य बिंदुओं में सरकारी ठेकों में कथित अनियमितताएं और उनसे जुड़े धन को जौहर ट्रस्ट तक पहुंचाने का आरोप शामिल है।
58 FIR के आधार पर दर्ज हुआ धनशोधन का मामला
ED ने उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से आजम खान और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 58 प्राथमिकी (FIR) का संज्ञान लेते हुए धनशोधन का मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने 28 अक्टूबर को बताया था कि धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को कुर्क किया गया है।
ED के मुताबिक, कुर्क की गई संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है।
सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर ED के आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी धन का इस्तेमाल निजी विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया। ED ने यह भी आरोप लगाया है कि आजम खान ने उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और उत्तर प्रदेश जल निगम में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कथित अनियमितताओं को अंजाम देने में मदद के लिए किया।
फिलहाल इन आरोपों की जांच जारी है। अब सबकी नजर ED की प्रस्तावित चार्जशीट और 13 नवंबर को होने वाली अगली पेशी पर है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले में जांच से जुड़े कई पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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