
Report By: Kiran Prakash Singh
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में 270 रन की शानदार पारी खेलकर यशस्वी जायसवाल का 265 रन का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ईस्ट जोन ने 708 रन बनाए।
Digital Live News | 7 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
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दलीप ट्रॉफी में ईशान किशन का ऐतिहासिक धमाका, 270 रन की पारी से जायसवाल का रिकॉर्ड टूटा
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने उन्हें टूर्नामेंट के रिकॉर्ड बुक में खास जगह दिला दी। ईशान ने पहली पारी में शानदार 270 रन बनाकर यशस्वी जायसवाल के 265 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उनकी इस बड़ी पारी की बदौलत ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
ईशान ने अपनी 270 रन की पारी के दौरान 334 गेंदों का सामना किया और 30 चौके तथा 7 छक्के लगाए। हालांकि, वह वीरेंद्र सहवाग के 274 रन के स्कोर को पीछे छोड़ने से महज 5 रन दूर रह गए।
ईशान ने तोड़ा यशस्वी जायसवाल का रिकॉर्ड
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी में 270 रन बनाकर यशस्वी जायसवाल के 265 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। जायसवाल ने साल 2022 में दलीप ट्रॉफी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 265 रन की पारी खेली थी।
अब ईशान किशन दलीप ट्रॉफी में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में आठवें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं जायसवाल 265 रन के साथ नौवें स्थान पर खिसक गए हैं।
ईशान की यह पारी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।
274 रन के रिकॉर्ड से सिर्फ पांच रन दूर
ईशान किशन की नजर दलीप ट्रॉफी के एक और बड़े रिकॉर्ड पर थी। भारतीय क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 1999 में दलीप ट्रॉफी में 274 रन की पारी खेली थी।
ईशान ने 270 रन बनाए और इस रिकॉर्ड से सिर्फ 5 रन पीछे रह गए। अगर वह कुछ और रन बना लेते तो सहवाग को पीछे छोड़कर दलीप ट्रॉफी में सबसे बड़ी पारियों की सूची में सातवें स्थान पर पहुंच सकते थे।
फिर भी 270 रन की पारी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। ईशान ने अपनी पारी में 30 चौके और 7 छक्के लगाए, जिससे उनकी बल्लेबाजी के आक्रामक अंदाज का अंदाजा लगाया जा सकता है।
रमन लांबा के नाम सबसे बड़ी पारी
दलीप ट्रॉफी में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड रमन लांबा के नाम है। उन्होंने 1987 में 320 रन की शानदार पारी खेली थी। इस सूची में दूसरे स्थान पर गगन खोड़ा हैं, जिन्होंने 2001 में नाबाद 300 रन बनाए थे।
इसके बाद सुरेंद्र भावे के 292 रन, अरुण लाल के 287 रन और संजय मांजरेकर के 278 रन आते हैं। लालचंद राजपूत ने 1987 में 275 रन बनाए थे, जबकि वीरेंद्र सहवाग ने 1999 में 274 रन की पारी खेली थी।
अब ईशान किशन के 270 रन इस प्रतिष्ठित सूची में आठवें स्थान पर दर्ज हो गए हैं।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में बनाए 708 रन
मुकाबले में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए पहली पारी में 708 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया।
ईशान किशन के अलावा कुमार कुशाग्र ने भी शानदार शतक लगाया। नंबर छह पर बल्लेबाजी करने आए कुशाग्र ने 132 गेंदों में 8 चौके और 5 छक्कों की मदद से 101 रन बनाए।
वहीं नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने वाले शिखर मोहन ने 85 रन की उपयोगी पारी खेली। ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन ने भी 72 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने में योगदान दिया।
साउथ जोन के गेंदबाजों पर पड़ा दबाव
ईस्ट जोन के 708 रन के विशाल स्कोर के सामने साउथ जोन के गेंदबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा। त्रिपुरण विजय ने सबसे ज्यादा चार विकेट हासिल किए।
चामा वी मिलिंद और श्रेयस गोपाल ने दो-दो विकेट लिए, जबकि शेख रसीद को एक सफलता मिली। हालांकि, साउथ जोन के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को कोई विकेट नहीं मिला।
सिराज ने 25 ओवर गेंदबाजी की और 5.60 की इकॉनमी रेट से 140 रन खर्च किए। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने उनकी गेंदबाजी के खिलाफ भी खुलकर रन बनाए।
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान किशन की 270 रन की पारी अब टूर्नामेंट के इतिहास में यादगार पारियों में शामिल हो गई है। यशस्वी जायसवाल का रिकॉर्ड तोड़ने के साथ ईशान ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मंच पर लंबी और आक्रामक पारी खेलने की उनमें पूरी क्षमता है। अब मुकाबले में आगे दोनों टीमों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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