“देशभर में छठ पूजा, श्रद्धालुओं ने सूर्य को अर्घ्य दिया”

Report By: Kiran Prakash Singh

चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न

“देशभर में छठ पूजा का आयोजन, लाखों श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। पटना, दिल्ली और एनसीआर में घाटों पर भव्य उत्सव और सुरक्षा इंतजाम।”

नई दिल्ली (digitallivenews)। लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान देशभर के छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोकभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।


देशभर में छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़

बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड से लेकर दिल्ली, मुंबई और कोलकाता तक घाटों पर लाखों श्रद्धालु शामिल हुए। सुबह के समय पूर्व दिशा में सूर्य की लालिमा दिखाई दी, तो घाटों पर मौजूद महिलाओं के चेहरे श्रद्धा और आनंद से चमक उठे।


व्रती महिलाओं की भक्ति और परंपरा

पारंपरिक लोकगीतों के साथ व्रती महिलाओं ने सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महिलाएं पीले और लाल परिधान में सजीं, सिर पर फल और पूजा सामग्री से भरे सूप रखे नजर आईं।

छठ व्रत सबसे पवित्र और कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत में व्रती बिना नमक का भोजन करती हैं और 36 घंटे का निर्जला उपवास रखती हैं।


पटना में उमड़ी सबसे बड़ी भीड़

बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार सुबह घाटों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। गंगा किनारे दीघा, कुर्जी और निती घाट पर श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने आवास पर छठ पूजा की और ‘उषा अर्घ्य’ देकर भगवान सूर्य से बिहार की खुशहाली की कामना की।


दिल्ली और एनसीआर में छठ का उल्लास

दिल्ली के कालिंदी कुंज, मयूर विहार और द्वारका घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। एनसीआर के गाजियाबाद और नोएडा में प्रशासन ने घाटों की सफाई और प्रकाश व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए थे।


भक्ति और पर्यावरण का संगम

इस बार भी कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने प्लास्टिक-मुक्त पूजा का संकल्प लिया। घाटों को फूलों और दीयों से सजाया गया।

व्रत संपन्न होने पर घाटों पर “जय छठी मैया” और “सूर्य भगवान की जय” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।


छठ पूजा का संदेश

सूर्यदेव के दर्शन और व्रत संपन्न होने से श्रद्धालुओं को अद्भुत शांति और संतोष मिला। यह पर्व लोक आस्था, परिवार और सामाजिक एकता का प्रतीक है, जो देशभर में हर्षोल्लास और भक्ति के साथ मनाया गया।

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