
Report By: Kiran Prakash Singh
अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती के हाथ में तिरंगा कथित तौर पर उल्टा दिखने पर विवाद बढ़ा। डोगरा फ्रंट ने कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।
तिरंगा विवाद में घिरीं महबूबा मुफ्ती, गिरफ्तारी की उठी मांग
📅 05 अगस्त 2026 | 🌐 digitallivenews.com
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती एक बार फिर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गई हैं। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान उनके हाथ में मौजूद तिरंगे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज कथित तौर पर उल्टा दिखाई दिया, जिसके बाद डोगरा फ्रंट ने इसे तिरंगे का अपमान बताते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है। इस मुद्दे ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर हुआ प्रदर्शन
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात वर्ष पूरे होने के मौके पर महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग उठाना था।
प्रदर्शन के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पुराने झंडे के साथ भारतीय तिरंगा भी हाथ में लिया। इसी दौरान सामने आई तस्वीरों और वीडियो के आधार पर आरोप लगाया गया कि तिरंगा कथित तौर पर उल्टी दिशा में पकड़ा गया था, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।
डोगरा फ्रंट ने कार्रवाई की मांग की
घटना के बाद डोगरा फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में प्रदर्शन किया और महबूबा मुफ्ती के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
संगठन का आरोप है कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। डोगरा फ्रंट ने मांग की कि इस मामले में भी समान नियम लागू किए जाएं।
अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने लगाए गंभीर आरोप
डोगरा फ्रंट के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया है।
उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से अपील की कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और यदि कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश की गरिमा और सम्मान का प्रतीक है, इसलिए ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
डोगरा फ्रंट ने महबूबा मुफ्ती पर राजनीतिक आरोप भी लगाए। संगठन की ओर से कहा गया कि उनकी वास्तविक नाराजगी अनुच्छेद 370 हटने से अधिक बदलते राजनीतिक हालात को लेकर है।
इन आरोपों ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बयानबाजी को और तेज कर दिया है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जबकि समर्थक इसे राजनीतिक विवाद का रूप दिए जाने की बात कह रहे हैं।
अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं। यदि शिकायत दर्ज होती है तो जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में कोई कानूनी कार्रवाई बनती है या नहीं।
वहीं, इस मामले पर महबूबा मुफ्ती की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है।
निष्कर्ष
महबूबा मुफ्ती के प्रदर्शन के दौरान तिरंगे को लेकर उठे विवाद ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति को फिर गरमा दिया है। एक ओर डोगरा फ्रंट इसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, वहीं पूरे घटनाक्रम में तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। मामले की जांच और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मुद्दा राजनीतिक बहस का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।