सत्य निकेतन हादसे पर महुआ का तंज, DU पर उठाए सवाल

Report By: Kiran Prakash Singh

सत्य निकेतन हादसे में सात मौतों के बाद महुआ मोइत्रा ने DU के पूर्व छात्रों पर सवाल उठाए। दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार, DU, MCD समेत कई पक्षों को नोटिस दिया।

Digital Live News | 7 सितंबर 2026 | digitallivenews.com

———————————————————————————————————————————————————————————-

सत्य निकेतन हादसे पर सियासत तेज, महुआ मोइत्रा ने DU को लेकर कसा तंज

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। घटना को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र और दिल्ली सरकार पर सवाल उठा रहा है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को लेकर सवाल उठाए हैं।

महुआ मोइत्रा ने अपने पोस्ट में पूछा कि DU के पूर्व छात्र इस हादसे में हुई छात्रों की मौत को लेकर आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि पेरिस में एक मंदिर के उद्घाटन को इस घटना से अधिक महत्व क्यों दिया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

महुआ मोइत्रा ने DU Alumni पर उठाए सवाल

सत्य निकेतन हादसे को लेकर महुआ मोइत्रा ने DU से जुड़े पूर्व छात्रों की भूमिका पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने पोस्ट में यह मुद्दा उठाया कि दुखद हादसे में छात्रों की मौत के बावजूद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की ओर से पर्याप्त आवाज क्यों नहीं उठाई जा रही है।

महुआ की टिप्पणी राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में अधिकतर छात्रों के होने की बात कही गई है। ये छात्र अलग-अलग जगहों से दिल्ली पढ़ाई और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर आए थे।

पेरिस मंदिर के उद्घाटन का क्यों किया जिक्र?

महुआ मोइत्रा ने अपने बयान में पेरिस के BAPS स्वामीनारायण मंदिर का भी जिक्र किया। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेरिस में बने मंदिर का उद्घाटन किया था।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मंदिर को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक संबंधों के एक नए दौर का प्रतीक बताया था। उन्होंने धार्मिक अवसर से जुड़ने को लेकर भी अपनी बात रखी थी।

इसी संदर्भ को जोड़ते हुए महुआ मोइत्रा ने सवाल उठाया कि क्या विदेश में मंदिर के उद्घाटन को दिल्ली में छात्रों की मौत से जुड़े मुद्दे से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। उनका यह बयान राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर सामने आया है।

सत्य निकेतन हादसे में सात लोगों की मौत

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना ने दिल्ली में भवन सुरक्षा और छात्रों के रहने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

बताया गया है कि इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG के तौर पर किया जा रहा था। घटना के बाद आसपास रहने वाले छात्रों में भी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

दिल्ली में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। पिछले दो वर्षों के दौरान रोहिणी, साकेत, वेलकम, करोल बाग, पहाड़गंज और मुस्तफाबाद समेत कई इलाकों में इमारत गिरने की घटनाएं हुई हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कई पक्षों को नोटिस दिया

सत्य निकेतन हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले का संज्ञान लिया है। अदालत ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस, दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को नोटिस जारी किया है।

अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बाहर से आने वाले छात्रों से जुड़ा डेटा भी मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि DU से संबद्ध कॉलेजों में बाहर से कितने छात्र पढ़ते हैं और विश्वविद्यालय या उसके कॉलेजों की ओर से उनके लिए कितने हॉस्टल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इस सवाल का सीधा संबंध छात्रों के निजी PG में रहने की मजबूरी और उनकी सुरक्षा से भी जोड़ा जा रहा है।

हॉस्टल की कमी और सुरक्षा पर बढ़ी बहस

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में छात्रों के लिए हॉस्टल की उपलब्धता और निजी PG की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है। बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए दिल्ली आते हैं और पर्याप्त हॉस्टल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निजी आवासों पर निर्भर रहना पड़ता है।

ऐसे में भवन की मजबूती, निर्माण की वैधता, अग्नि सुरक्षा और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से DU और संबंधित विभागों से जानकारी मांगे जाने के बाद अब जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा और तेज होने की उम्मीद है।

मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। इस दौरान अदालत के सामने संबंधित पक्षों की ओर से रखी जाने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल सत्य निकेतन हादसा राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ दिल्ली में छात्रों की सुरक्षा और आवास व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

digitallivenews.com

Also Read

राहुल vs सरकार: पेपर लीक से पैलेट गन तक सियासी टकराव

दिल्ली में दोगुना हुआ एयरबोर्न बैक्टीरिया का खतरा: अध्ययन

बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी से पूछे सवाल, कांग्रेस पर साधा निशाना

ब्राह्मण मंच से अखिलेश का हमला, विकास दुबे केस का किया जिक्र

धमाल 4 का बॉक्स ऑफिस धमाका, 7वें दिन 91 करोड़ के पार

You Might Also Like

IND vs NZ: भारत के सामने 226 रन का लक्ष्य, जीत के लिए रचना होगा इतिहास

अभिषेक शर्मा का वर्ल्ड रिकॉर्ड, पहली गेंद पर छक्का जड़कर रचा इतिहास

बॉक्स ऑफिस पर ‘जेलर 2’ का जलवा, ‘दृश्यम 3’ ने भी कमाए करोड़ों

सिंगर कृष्णराज का 75 साल की उम्र में निधन, तमिल इंडस्ट्री में शोक

योगी सरकार का माइक्रोबायोम प्लान तैयार, स्वास्थ्य से खेती तक फायदा

गर्लफ्रेंड बनाने में बुराई नहीं, शादी का वादा निभाएं: आनंदीबेन

श्रद्धा दुबे से गैंग सरगना के रिश्तों की जांच, विधायक पर भी शक

केजरीवाल पर अमित शाह का तंज, बोले- पंजाब में भी AAP को हराएंगे

Select Your City