
Report By: Kiran Prakash Singh
नई दिल्ली (DIGITALLIVENEWS)।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘ऑपरेशन महादेव’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बहादुर जवानों को सम्मानित किया। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने और हमले में शामिल पाकिस्तान समर्थित तीनों आतंकियों को मार गिराने के लिए चलाया गया था।
ऑपरेशन महादेव की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के बैसरन घाटी, पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया था। इस हमले में एक नेपाली पर्यटक सहित 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस निर्मम कृत्य के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए सुरक्षाबलों को आतंकियों के सफाए का आदेश दिया।
ऑपरेशन महादेव, संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही शुरू किया गया था और तीन महीने की गहन रणनीति के बाद इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
संसद में दी गई जानकारी
गृह मंत्री अमित शाह ने संसद को जानकारी दी कि फॉरेंसिक सबूतों और जांच से यह स्पष्ट हो चुका है कि ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए आतंकी ही पहलगाम नरसंहार में शामिल थे।
जवानों का सम्मान समारोह
इस ऐतिहासिक सफलता के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें गृह मंत्री ने ऑपरेशन में शामिल:
-
सशस्त्र बलों,
-
सीआरपीएफ कमांडो, और
-
जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को स्मृति चिन्ह और शॉल देकर सम्मानित किया।
अमित शाह ने हर जवान से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके साहस, समर्पण और देशभक्ति के लिए उन्हें सराहते हुए कहा:
“आपकी बहादुरी ने न सिर्फ देश के नागरिकों को न्याय दिलाया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत किया है।”
ऑपरेशन की चुनौतियां
सूत्रों के अनुसार, ऑपरेशन महादेव के दौरान जवानों को तीन महीने तक पहाड़ों और जंगलों में गुप्त रूप से आतंकियों का पीछा करना पड़ा। इस दौरान मिली चुनौतियों और अनुभवों को जवानों ने गृह मंत्री के साथ साझा भी किया।
निष्कर्ष
ऑपरेशन महादेव की सफलता ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारत अपने नागरिकों पर हमला करने वालों को कभी नहीं बख्शता। यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत और निर्णायक कार्रवाई के रूप में याद किया जाएगा।