ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर सरकार का जवाब, विवाद तेज

Report By: Kiran Prakash Singh

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर राहुल गांधी के सवालों के बाद केंद्र सरकार ने सफाई दी। इसे रणनीतिक, रक्षा और आर्थिक रूप से अहम बताया।


ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट पर विवाद, सरकार ने दी विस्तृत सफाई

राहुल गांधी के सवालों के बाद केंद्र का जवाब

ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह परियोजना देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi द्वारा उठाए गए सवालों के बाद सरकार ने FAQ के जरिए विस्तृत जवाब जारी किया और सभी आरोपों को खारिज किया।

रणनीतिक और रक्षा दृष्टि से अहम परियोजना

सरकार के अनुसार, यह प्रोजेक्ट Great Nicobar Island में विकसित किया जा रहा है, जो भारत की समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। इस परियोजना से अंडमान सागर में भारत की रणनीतिक मौजूदगी मजबूत होगी और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ कनेक्टिविटी बढ़ेगी। सरकार ने यह भी कहा कि इससे देश की रक्षा क्षमताओं में बड़ा इजाफा होगा।

वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा

इस प्रोजेक्ट के तहत एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिससे भारत वैश्विक व्यापार नेटवर्क में अपनी स्थिति मजबूत कर सकेगा। सरकार का दावा है कि इससे न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी

पर्यावरणीय प्रभाव का किया गया विस्तृत आकलन

पर्यावरण को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार ने स्पष्ट किया कि परियोजना के संभावित प्रभावों का गहन अध्ययन और आकलन (EIA) किया गया है। इसके तहत पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कई उपाय तय किए गए हैं। सरकार का कहना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए ही इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है।

आदिवासी समुदायों की सुरक्षा पर जोर

सरकार ने यह भी कहा कि इस परियोजना में आदिवासी समुदायों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जारवा पॉलिसी 2004 और शोम्पेन पॉलिसी 2015 के तहत विशेषज्ञों की सलाह ली गई है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। साथ ही, परियोजना को जनजातीय कार्य मंत्रालय से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) भी मिल चुका है और वन अधिकार अधिनियम 2006 का पूरी तरह पालन किया गया है।


कुल मिलाकर, सरकार ने साफ कर दिया है कि ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को पूरी योजना, कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस अभी भी जारी है और आने वाले समय में यह परियोजना देश की राजनीति और विकास नीति दोनों के केंद्र में बनी रह सकती है।

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