
Report By: Kiran Prakash Singh
सपा सांसद डिंपल यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यह पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है और इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सरकार को घेरते हुए डिंपल यादव की मांग
संसद में फिर हुआ हंगामा
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को भी जोरदार हंगामा देखने को मिला। समाजवादी पार्टी समेत INDIA गठबंधन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की और सदन में चर्चा की मांग उठाई।
डिंपल यादव ने साधा निशाना
सपा सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला बोलते हुए कहा कि यह पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले पर चर्चा से बच रही है और जवाब नहीं देना चाहती।
दानपात्र और धातुओं की चोरी का जिक्र
डिंपल यादव ने कहा कि राम मंदिर में दानपात्र और धातुओं की चोरी को लेकर लोगों में आक्रोश है। उनका कहना था कि इस पूरे मामले पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
देश की धरोहर बताया मंदिर
उन्होंने कहा कि राम मंदिर देश की धरोहर है और इसमें जनता का पैसा लगा है। उनके अनुसार, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी राशि की चोरी हुई है। उन्होंने मंदिर निर्माण, जमीन और दानपात्र से जुड़े सवालों का भी उल्लेख किया।
विपक्ष ने चर्चा की दोहराई मांग
डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि इस मामले पर संसद में गंभीर चर्चा हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा कराने से बच रही है, जबकि यह मामला देश की आस्था और पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर संसद में चर्चा की मांग तेज
4 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए जोरदार हंगामा किया। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यह पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है और इस पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के दानपात्र और धातुओं की चोरी को लेकर लोगों में आक्रोश है, लेकिन सरकार इस विषय पर जवाब देने से बच रही है। डिंपल यादव ने कहा कि राम मंदिर देश की धरोहर है और इसमें जनता का पैसा लगा है, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच और चर्चा जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी राशि की चोरी हुई है। विपक्ष का कहना है कि सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही से बच रही है, जबकि यह देश की आस्था और विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।