
Report By: Kiran Prakash Singh
यूपी विधानसभा में हंगामे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता कर समाजवादी पार्टी पर लोकतांत्रिक परंपराओं की अवमानना का आरोप लगाया और अयोध्या मामले पर भी जवाब दिया।
यूपी विधानसभा में हंगामे के बाद सीएम योगी का सपा पर तीखा हमला
भाषण पूरा नहीं कर सके मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में समाजवादी पार्टी के विरोध प्रदर्शन के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना संबोधन पूरा नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने विधानमंडल परिसर में मीडिया से बातचीत की।
सपा के आचरण को बताया अलोकतांत्रिक
सीएम योगी ने कहा कि सपा और विपक्ष का व्यवहार सदन की अवमानना, अलोकतांत्रिक और शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि विधानसभा नियमों, परंपराओं और विधानसभा संचालन नियम-59 के तहत चलती है, जिसके अनुसार न्यायालय, आयोग या न्यायाधिकरण में लंबित मामलों पर सामान्यतः चर्चा नहीं हो सकती।
सर्वदलीय बैठक का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में समाजवादी पार्टी ने नियमों के तहत नोटिस देकर चर्चा कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उसी प्रक्रिया का उल्लंघन कर सदन की कार्यवाही बाधित की।
अयोध्या और SIT जांच पर दिया जवाब
सीएम योगी ने कहा कि यह मामला ‘चंदा चोरी’ नहीं बल्कि ‘चढ़ावा चोरी’ से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को राज्य सरकार ने एसआईटी गठित की थी। बाद में मामला उच्चतम न्यायालय की निगरानी में चला गया। उन्होंने कहा कि जांच में किसी साधु-संत की संलिप्तता नहीं मिली, जबकि लगभग 100 कर्मचारियों में से 8 लोगों की भूमिका सामने आई।
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने हमेशा भगवान राम और अयोध्या का अपमान किया। उन्होंने 1990 की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत थीं और आज भी विपक्ष नकारात्मक राजनीति कर रहा है।
विधानसभा में हंगामे के बाद सीएम योगी ने सपा पर बोला हमला
4 अगस्त 2026 | digitallivenews.com
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में हंगामे के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना भाषण पूरा नहीं कर सके। बाद में प्रेस वार्ता में उन्होंने समाजवादी पार्टी पर सदन की अवमानना, अलोकतांत्रिक व्यवहार और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया। सीएम ने कहा कि विधानसभा संचालन नियम-59 के अनुसार न्यायालय, आयोग या न्यायाधिकरण में लंबित मामलों पर चर्चा नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था और जांच के दौरान किसी साधु-संत की संलिप्तता नहीं मिली, जबकि 100 कर्मचारियों में से 8 लोगों की भूमिका सामने आई। योगी ने कांग्रेस और सपा पर अयोध्या व भगवान राम के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन नहीं कर रहा है।