
Report By: Kiran Prakash Singh
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों से सरकारी आदेश की अवहेलना, बिना अनुमति जंतर-मंतर पहुंचने और अनधिकृत प्रवेश के मामलों में सवाल किए जा सकते हैं।
आज की तारीख: 5 नवंबर 2026
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CJP नेताओं से दिल्ली पुलिस की पूछताछ, जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में जांच तेज
डिजिटल लाइव ब्यूरो
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए तलब किया है। दोनों नेता गुरुवार को राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचे। पुलिस उनसे तीन अलग-अलग मामलों में पूछताछ कर सकती है। इनमें सरकारी आदेश का पालन न करना, बिना अनुमति जंतर-मंतर पहुंचना और दूसरे की संपत्ति में प्रवेश करने का मामला शामिल है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं को दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वे करीब 11:15 बजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंच गए।
1. तीन मामलों में होगी पूछताछ
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इन मामलों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दायरे में तीन आरोप शामिल हैं:
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सरकारी आदेश का पालन नहीं करना।
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बिना अनुमति जंतर-मंतर पहुंचना।
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दूसरे की संपत्ति में अनधिकृत रूप से प्रवेश करना।
इन्हीं मामलों को लेकर सौरव दास और आशुतोष रांका से सवाल-जवाब किए जाने की संभावना है।
2. अक्टूबर में भी भेजा गया था समन
इससे पहले अक्टूबर महीने में भी दिल्ली पुलिस ने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, उस समय दोनों पुलिस के सामने पेश नहीं हुए थे।
बाद में उन्होंने क्राइम ब्रांच के सामने उपस्थित होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अब दोनों नेताओं के कार्यालय पहुंचने के बाद पुलिस की पूछताछ शुरू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
3. 13 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
CJP नेताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले अक्टूबर में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपे गए थे। ये मामले 13 अक्टूबर की घटना से जुड़े हैं।
पुलिस के अनुसार, उस दिन CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे सहित 11 अन्य लोग जंतर-मंतर में पहुंच गए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था।
4. सौरव दास और आशुतोष रांका एक सप्ताह रहे न्यायिक हिरासत में
इस मामले में अजिंक्य शिंदे को शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा कर दिया गया था। वहीं, सौरव दास और आशुतोष रांका करीब एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहे।
इसके बाद 21 अक्टूबर को दोनों को 50-50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड पर रिहा किया गया। इसके लिए उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने लिखित बयान भी देना पड़ा था।
5. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिया था आश्वासन
रिहाई के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया था। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया था कि जब तक कानून के अनुसार जंतर-मंतर को दोबारा विरोध-प्रदर्शन के लिए अधिकृत नहीं किया जाता, तब तक वे वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।
अब क्राइम ब्रांच दोनों नेताओं से तीन मामलों में पूछताछ कर रही है। इस पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस की ओर से पूछताछ के निष्कर्ष या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
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