मेरठ में ADM सिटी चार्ज को लेकर चार दिन से असमंजस

Report By: Kiran Prakash Singh

मेरठ में नए ADM सिटी अनिरूद्ध प्रताप सिंह चार दिन से चार्ज का इंतजार कर रहे हैं, जबकि वर्तमान ADM सिटी अब भी पद पर कायम हैं।

मेरठ में ADM सिटी पद को लेकर असमंजस, चार दिन से चार्ज का इंतजार

मेरठ में प्रशासनिक फेरबदल बना चर्चा का विषय

मेरठ में प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक अजीब स्थिति बनी हुई है। नए ADM सिटी के रूप में तैनात किए गए अनिरूद्ध प्रताप सिंह को अभी तक कार्यभार नहीं मिल पाया है। वहीं वर्तमान ADM सिटी ब्रजेश कुमार सिंह अब भी अपने पद पर बने हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

चार दिन से सर्किट हाउस में इंतजार

सूत्रों के मुताबिक नए ADM सिटी अनिरूद्ध प्रताप सिंह पिछले चार दिनों से मेरठ के सर्किट हाउस में ठहरे हुए हैं और आधिकारिक चार्ज मिलने का इंतजार कर रहे हैं। आमतौर पर तबादले के बाद जल्द कार्यभार ग्रहण कराने की प्रक्रिया पूरी हो जाती है, लेकिन इस मामले में देरी लगातार चर्चा का विषय बनती जा रही है।
प्रशासनिक हलकों में यह मामला अब असामान्य स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।

वर्तमान ADM सिटी अब भी पद पर कायम

दूसरी तरफ वर्तमान ADM सिटी ब्रजेश कुमार सिंह अब भी अपने पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि वह अपने तबादले को रुकवाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर इस संबंध में कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सरकारी दफ्तरों में भी यह सवाल उठ रहा है कि जब नए अधिकारी की नियुक्ति हो चुकी है तो फिर कार्यभार हस्तांतरण में देरी क्यों हो रही है।

दो अधिकारियों के बीच बना असमंजस

मेरठ में इस समय प्रशासनिक व्यवस्था दो अधिकारियों के बीच फंसी हुई नजर आ रही है। एक अधिकारी नए पद पर आने के बावजूद चार्ज नहीं ले पा रहे हैं, जबकि दूसरे अधिकारी पुराने पद पर बने हुए हैं।
इस पूरे मामले ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी भ्रम की स्थिति देखी जा रही है कि आखिर आदेशों का पालन कब होगा।

राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चाएं तेज

इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल प्रशासनिक निर्णयों की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग इसे लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि शासन स्तर पर स्पष्ट निर्देश जारी होने चाहिए ताकि ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। प्रशासनिक पदों पर लंबे समय तक असमंजस बने रहने से सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका रहती है।

शासन के फैसले पर टिकी निगाहें

अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द फैसला नहीं हुआ तो यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ सकता है। फिलहाल मेरठ में नए और पुराने ADM सिटी के बीच बना यह असामान्य घटनाक्रम लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है।
आने वाले दिनों में शासन क्या निर्णय लेता है, इस पर प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।

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