
Report By: Kiran Prakash Singh
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की CJP की मांग पर BJP नेता रामकृपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने CJP को लेकर सवाल उठाते हुए आंदोलन पर तंज कसा।
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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर CJP और BJP आमने-सामने
Digital Live News | 25 सितंबर 2026 | digitallivenews.com
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद लगातार तेज हो रहा है। चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर पहले से विपक्षी दलों और कई संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है।
CJP के संयोजक अभिजीत दीपके की ओर से दिए गए अल्टीमेटम पर अब बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने CJP की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाते हुए आंदोलन को लेकर तंज कसा।
CJP ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा
CJP ने SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोला है। पार्टी की ओर से पहले 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था।
अभिजीत दीपके ने कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनकी पार्टी देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। CJP की ओर से SIR पर रोक लगाने और चुनावी प्रक्रिया में बदलाव समेत कई मांगें भी उठाई गई हैं।
पार्टी ने अपने प्रस्तावित आंदोलन को लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जोड़कर पेश किया है। हालांकि, CJP की ओर से लगाए गए आरोप और राजनीतिक दावे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माने जा सकते।
रामकृपाल यादव ने क्या कहा?
शुक्रवार 25 सितंबर 2026 को पटना में बीजेपी नेता रामकृपाल यादव से CJP के आंदोलन और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सवाल किया गया।
इस पर उन्होंने CJP को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, “कौन है कॉकरोच पार्टी?” उन्होंने संगठन के आंदोलन को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि ये कुछ भटके हुए नौजवान हैं, वे आंदोलन करें।
रामकृपाल यादव ने आगे सवाल किया कि “क्या दिल्ली में धरना देने से नेता बन गए?” उन्होंने यह भी कहा कि कौन इस संगठन को नोटिस में ले रहा है।
ये टिप्पणियां रामकृपाल यादव का राजनीतिक बयान हैं और इन्हें उनके व्यक्तिगत राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जाना चाहिए।
SIR को लेकर पहले से जारी है विवाद
CJP का यह विरोध ऐसे समय में सामने आया है जब SIR यानी Special Intensive Revision को लेकर चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बढ़ा हुआ है।
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भी SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग से सवाल किए हैं। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
वहीं, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत की जाती है। आयोग की ओर से यह भी कहा गया है कि अलग-अलग राय निर्णय लेने की संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं।
CJP ने देशव्यापी प्रदर्शन का किया ऐलान
अभिजीत दीपके ने कहा है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो CJP अपने विरोध प्रदर्शन को देश के अलग-अलग शहरों तक ले जाएगी।
CJP की ओर से पहले भी चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। संगठन ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां सार्वजनिक की हैं और चुनावी व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्तावित देशव्यापी आंदोलन का स्वरूप और उसका प्रभाव क्या होगा।
BJP और CJP के बयानों से बढ़ी सियासी हलचल
ज्ञानेश कुमार को लेकर CJP और बीजेपी के बीच सामने आए बयानों ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को एक और राजनीतिक आयाम दे दिया है।
एक तरफ CJP मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कायम है, जबकि बीजेपी नेता रामकृपाल यादव ने संगठन की राजनीतिक पहचान और उसके आंदोलन पर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे मामले में अब निगाहें CJP के अगले कदम और उसके प्रस्तावित आंदोलन पर हैं। साथ ही SIR को लेकर चल रही न्यायिक और राजनीतिक बहस भी आगे किस दिशा में जाती है, यह महत्वपूर्ण होगा।
दिनांक: 25 सितंबर 2026
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