बंगाल राज्यसभा उपचुनाव: BJP का पलड़ा भारी, TMC पर संकट

Report By: Kiran Prakash Singh

पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों के उपचुनाव में BJP मजबूत स्थिति में दिख रही है। 24 जुलाई को मतदान होगा। TMC के भीतर टूट और नए समीकरणों से मुकाबला दिलचस्प बन गया है।

📅 दिनांक: 10 जुलाई 2026
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बंगाल राज्यसभा उपचुनाव: BJP की रणनीति से बढ़ी TMC की मुश्किलें

24 जुलाई को होगा तीन सीटों पर उपचुनाव

पश्चिम बंगाल की राज्यसभा की तीन रिक्त सीटों पर 24 जुलाई 2026 को उपचुनाव होना है। निर्वाचन आयोग ने पूर्व सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफों के बाद इन सीटों पर अलग-अलग चुनाव कराने का फैसला किया है। 14 जुलाई नामांकन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

अलग-अलग चुनाव से बदला विधानसभा का गणित

इन तीनों सीटों पर अलग-अलग मतदान होगा, इसलिए प्रत्येक सीट के लिए विधायकों के वोट स्वतंत्र रूप से गिने जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा विधानसभा संख्या बल के आधार पर BJP मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। यदि पार्टी के विधायक अधिकृत उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करते हैं तो तीनों सीटों पर जीत का दावा मजबूत हो सकता है। हालांकि अंतिम नतीजा मतदान के दिन की वास्तविक स्थिति पर निर्भर करेगा।

BJP ने चली बड़ी राजनीतिक चाल

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच पूर्व TMC सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने BJP का दामन थाम लिया। पार्टी ने शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद तीनों को राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया। इसे बंगाल की राजनीति में BJP की बड़ी रणनीतिक चाल माना जा रहा है।

TMC के सामने संगठनात्मक चुनौती

तृणमूल कांग्रेस के लिए यह उपचुनाव केवल तीन सीटों का नहीं बल्कि संगठनात्मक मजबूती की परीक्षा भी माना जा रहा है। पार्टी से कई नेताओं के इस्तीफे और अंदरूनी मतभेदों की चर्चा के बीच विपक्ष लगातार TMC पर हमलावर है। यदि विधानसभा के मौजूदा समीकरण मतदान तक कायम रहते हैं तो TMC के लिए मुकाबला चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

नतीजों पर पूरे देश की नजर

यदि BJP तीनों सीटों पर जीत दर्ज करती है तो इसका असर केवल राज्यसभा की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक तस्वीर का भी बड़ा संकेत माना जाएगा। दूसरी ओर TMC इस चुनाव को अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की अहम परीक्षा के रूप में देख रही है। अब सभी की निगाहें 24 जुलाई को होने वाले मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं।

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